दक्षिण कश्मीर में पुलवामा ज़िले के परिगाम इलाके में एक अफवाह के बाद स्वास्थ्य विभाग को बड़े पैमाने पर एंटी-रेबीज़ वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू करनी पड़ी है। अब तक 200 से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। दरअसल, यह स्थिति तब पैदा हुई जब इलाके में एक कसाई द्वारा कथित तौर पर रेबीज़ से संक्रमित एक जानवर का मांस स्थानीय लोगों को बेचने की ख़बर सामने आई।
💉 12 घंटों में रिकॉर्ड टीकाकरण: अब तक 250 से ज्यादा लोगों को लगे टीके
अधिकारियों के अनुसार, संक्रमित जानवर के मांस के सेवन की आशंका के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल कदम उठाए। महज 12 घंटों में 100 से ज़्यादा लोगों को टीका लगाया गया, और यह संख्या अब बढ़कर 250 के पार पहुंच गई है। पुलवामा की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. तहमीना जमील स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, अधिकारियों ने लोगों से धैर्य बरतने और घबराने से बचने की अपील की है।
⚖️ आरोपी कसाई गिरफ्तार: पुलिस ने दर्ज की FIR और शुरू की जांच
इस घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कर संबंधित कसाई को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, कसाई ने एक बीमार मवेशी को ज़बह किया था, जिसे लेकर जांच जारी है। कसाई ने यह बीमार मवेशी किससे खरीदा था, इसे लेकर भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी तक वैज्ञानिक रूप से यह पुष्टि नहीं हुई है कि मांस वास्तव में रेबीज़ से संक्रमित था या नहीं।
🏥 हेल्थ सेंटर पर उमड़ी भीड़: संक्रमण के खतरे को लेकर विशेषज्ञों की राय
घटना के बाद प्राइमरी हेल्थ सेंटर परिगाम में टीका लगवाने वालों का तांता लगा हुआ है। मेडिकल ऑफिसर डॉ. जुरीदा ने बताया कि संक्रमण का खतरा मांस खाने से ज्यादा उसे धोने के दौरान रहता है। यदि मांस धोते समय व्यक्ति के हाथ पर कोई चोट या घाव हो, तो संक्रमण फैल सकता है। हालांकि, मांस को अच्छी तरह पकाने के बाद संक्रमण का खतरा काफी हद तक खत्म हो जाता है, इसलिए लोगों को अत्यधिक तनाव लेने की जरूरत नहीं है।
🛡️ प्रशासन की अपील: अफवाहों पर ध्यान न दें और डॉक्टरी सलाह लें
स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। विभाग का कहना है कि एहतियात के तौर पर टीकाकरण किया जा रहा है ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि बिना जांचे-परखे मांस बेचने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में है और स्वास्थ्य टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।