VIP Security Review 2026: फारूक अब्दुल्ला पर हमले की कोशिश के बाद केंद्र सरकार अलर्ट, गृह मंत्रालय ने दिए सभी VIPs की सुरक्षा ऑडिट के निर्देश

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर बुधवार रात हुए हमले ने वीआईपी सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़ा कर दिया है. वहीं अब इस हमले के मद्देनजर गृह मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है. गृह मंत्रालय उन सभी केंद्रीय संरक्षित व्यक्तियों की सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा करेगा, जिनकी सुरक्षा CRPF, CISF, ITBP आदि के पास है. यह समीक्षा अगले हफ्ते की जाएगी. वहीं राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) भी अपने सुरक्षा घेरे वाले व्यक्तियों के लिए इस तरह की समीक्षा करेगा. एनएसजी अब्दुल्ला को जेड-प्लस सुरक्षा प्रदान करता है.

अधिकारियों ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, गृह सचिव गोविंद मोहन, आईबी डायरेक्टर तपन डेका और गृह मंत्रालय की वीआईपी सिक्योरिटी यूनिट के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में अगले हफ्ते समीक्षा करने का निर्णय लिया गया.

कई राज्यों में होने वाले हैं विधानसभा चुनाव

इस तरह के वीवीआईपी व्यक्तियों को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) जैसे केंद्रीय अर्धसैनिक बलों द्वारा सुरक्षा प्रदान की जाती है. अधिकारियों ने कहा कि यह समीक्षा इसलिए भी जरुरी होगी क्योंकि पांच राज्यों – असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिसके लिए कई राजनीतिक वीआईपी को इन क्षेत्रों में यात्रा करनी होगी.

केंद्रीय सूची में लगभग 400 वीआईपी

केंद्रीय सूची के अंतर्गत विभिन्न सुरक्षा श्रेणियों में लगभग 400 वीआईपी हैं, जिनमें से 220 के पास सीआरपीएफ, 156 के पास सीआईएसएफ, नौ के पास एनएसजी और कुछ के पास आईटीबीपी का सुरक्षा घेरा है.

फारुक अब्दुल्ला पर हमला

दरअसल बुधवार रात जब नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारुक अब्दुल्ला जम्मू में एक शादी समारोह से लौटने वाले थे, तभी एक पिस्तौलधारी ने पीछे से उन पर गोली चला दी. इस घटना में वह बाल-बाल बच गए. फारूक अब्दुल्ला के मामले मे गिरफ्तार किया गया आरोपी उस व्यक्ति का करीबी रिश्तेदार है, जिसके यहां शादी हो रही थी. उसके पास लाइसेंस प्राप्त बंदूक थी.

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Pradesh Samna
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