कांग्रेस आज मनाएगी लोकतंत्र सम्मान दिवस, जिलों में निकाली जाएगी तिरंगा यात्रा, इधर कांग्रेस प्रवक्ता सैयद जफर ने कमलनाथ सरकार गिरने का ठीकरा दिग्विजय सिंह पर फोड़ा
भोपाल। मध्यप्रदेश में 2 साल पहले हुए ‘ऑपरेशन लोटस’ का कांग्रेस विरोध करते हुए आज लोकतंत्र सम्मान दिवस मनाएगी। इस अवसर पर सभी जिलों में तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा में कांग्रेस के बड़े नेता शामिल होंगे। इस दौरान कांग्रेसी नेता 15 माह की कमलनाथ सरकार की उपलब्धियां बताएंगे।
बता दें कि 20 मार्च को सिंधिया समर्थकों के दल बदल के कारण कांग्रेस की कमलनाथ सरकार गिर गई थी।कमलनाथ ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था।
इधर कांग्रेस नेता सैयद जफर ने कमलनाथ सरकार गिरने का ठीकरा दिग्विजय सिंह पर फोड़ा है। उन्होंने कमलनाथ सरकार गिरने को लेकर ट्वीट किया है। कांग्रेस नेता सैयद जाफर ने लिखा है कि सिंधिया बीजेपी में नहीं भी जाते तो फिर भी सरकार गिर जाती। दिग्विजय सिंह को राज्यसभा भेजने के निर्णय होने के बाद पूरी तरीके से सरकार बचने की संभावना खत्म हो गई थी। सरकार गिरने के 20 दिन पहले 11 विधायकों ने कमलनाथ सरकार का साथ छोड़ दिया था।
सिंधिया जी भाजपा में नहीं जाते फिर भी गिर जाती कमलनाथ सरकारसरकार गिरने के 20 दिन पहले 11 विधायकों ने छोड़ दिया था साथ।कांग्रेस से हरदीप सिंह डंग रघुराज कंसाना एदल सिंह कंसाना रणवीर जाटव कमलेश जाटव बिसाऊ लाल सिंह, और एक महिला विधायक संजीव कुशवाहा ,राम बाई,बबलू शुक्ला शेरा— SYED JAFAR (@SyedZps) March 20, 2022
बता दें कि 2 साल पहले आज ही के दिन कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। कमलनाथ सरकार ने 27 लाख किसानों का कर्ज माफ किया था। इसी तरह48 लाख पेंशनधारियों को 300 से बढ़ोतरी करते हुए 600 रुपए प्रति माह पेंशन दी थी। लगभग एक करोड़ परिवार को 100 रुपए में 100 यूनिट बिजली दी। इन सबके बाद भीमुख्यमंत्री कमलनाथ को इस्तीफा देना पड़ा। उन्होंने दावा किया है कि सिंधिया भाजपा में नहीं जाते फिर भी गिर जाती कमलनाथ सरकार।
कांग्रेस से हरदीप सिंह डंग, रघुराज कंसाना, एदल सिंह कंसाना, रणवीर जाटव, कमलेश जाटव, बिसाऊ लाल सिंह, और एक महिला विधायक, संजीव कुशवाहा ,राम बाई,बबलू शुक्ला और निर्दलीय विधायक शेरा भैया आदि ने पार्टी छोड़ दी थी। 5 मार्च 2020 को सिंधिया के स्थान पर दिग्विजय सिंह को राज्यसभा में भेजने का निर्णय होने के बाद पूरी तरीके से सरकार बचने की संभावना खत्म हो गई थी। यह बात अलग है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ का इस्तीफा 20 मार्च 2020 को हुआ।