झारखंड सरकार ने बोकारो और धनबाद से क्षेत्रीय भाषा की सूची से मगही-भोजपुरी को किया बाहर बिहार By Nayan Datt On Feb 19, 2022 झारखंड | सरकार ने धनबाद और बोकारो में स्थानीय लोगों एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं के विरोध को देखते हुए क्षेत्रीय भाषा की सूची से मगही और भोजपुरी को बाहर कर दिया है। अन्य जिलों में क्षेत्रीय भाषाओं को पूर्व के क्रम में ही रखा गया है। इसको लेकर कार्मिक विभाग ने नए सिरे से अधिसूचना जारी कर दी है। निर्णय लेने के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर और विधायक दल के नेता आलमगीर आलम को विश्वास में लिया एवं उनसे चर्चा के बाद सरकार ने यह कदम उठाया। ज्ञात हो कि सरकार के इस निर्णय का विरोध मंत्रिमंडल में शामिल जगरनाथ महतो भी कर रहे थे। यह भी पढ़ें पटना में 70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग पर हंगामा:… Aug 25, 2026 पटना में छात्र आंदोलन: सकारात्मक वार्ता के बाद भी CM आवास… Aug 25, 2026 शुक्रवार की देर शाम मुख्यमंत्री के निर्देश पर झारखंड सरकार ने बोकारो एवं धनबाद में क्षेत्रीय भाषाओं की सूची से मगही एवं भोजपुरी को बाहर कर दिया है। किन दो जिलों में स्थानीय स्तर पर बहुत तीव्र विरोध चल रहा था और कुछ दिनों पूर्व भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राय के वाहन पर उपद्रवियों ने हमला भी किया था। क्षेत्रीय भाषा में भोजपुरी को शामिल किए जाने का विरोध धीरे-धीरे व्यापक स्तर पर चल रहा था। Share