West Asia Conflict: बढ़ते तनाव के बीच एक्शन में मोदी सरकार, राजनाथ सिंह ने बुलाई IGoM की पहली अहम बैठक
पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को Informal Empowered Group of Ministers (IGoM) की पहली बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और भारत पर उसके संभावित असर को लेकर विस्तार से चर्चा की गई.
लंबी तैयारी पर जोर
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए भारत को मीडियम से लॉन्ग टर्म यानी मध्यम और दीर्घकालिक तैयारी अपनाने की जरूरत है. उन्होंने सभी मंत्रालयों को सतर्क रहने, आपसी समन्वय बनाए रखने और तेजी से निर्णय लेने के निर्देश दिए.
उन्होंने यह भी कहा कि सभी नीतिगत प्रयास आपसी तालमेल के साथ हों और उन्हें तय समयसीमा में लागू किया जाए, ताकि किसी भी स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके.
7 सचिव समूहों ने दी रिपोर्ट
बैठक के दौरान सात Empowered Groups of Secretaries (EGoS) ने अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी स्थिति और उठाए गए कदमों पर प्रस्तुति दी. इसमें ऊर्जा, सप्लाई चेन, आर्थिक प्रभाव और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई.
राज्यों और जिलों के साथ समन्वय जरूरी
IGoM ने इस बात पर भी जोर दिया कि राज्यों और जिला प्रशासन के साथ मजबूत तालमेल बनाए रखना बेहद जरूरी है. साथ ही आम जनता तक सही और समय पर जानकारी पहुंचाने की जरूरत बताई गई.
फेक न्यूज पर सख्ती
सरकार ने सभी मंत्रालयों और विभागों को निर्देश दिया है कि वे सही जानकारी साझा करें और अफवाहों, गलत सूचनाओं और फेक न्यूज पर रोक लगाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं. बैठक के बाद रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हर हाल में देशवासियों को इस संकट के किसी भी असर से सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है. यह बैठक इस बात का संकेत है कि भारत सरकार पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट को गंभीरता से ले रही है और उसके आर्थिक, ऊर्जा और सुरक्षा प्रभावों से निपटने के लिए पहले से तैयारी कर रही है.
