Vaishno Devi Ropeway Protest: कटरा में भारी बवाल, बाजार बंद और होटलों के बाहर लगे विरोध के पोस्टर

 कटरा में माता वैष्णो देवी मंदिर भवन मार्ग पर प्रस्तावित रोपवे परियोजना को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है. बुधवार को इसके खिलाफ एक दिन के सांकेतिक बंद का ऐलान किया गया. इसके चलते बाजार बंद रहें. होटलों के बाहर नो रोपवे के पोस्टर लगाए गए.

दरअसल, इस परियोजना को वर्ष 2024 में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से शुरू किया जाना था. उस समय कटरा के लोगों ने करीब 18 दिनों तक लंबा विरोध प्रदर्शन और हड़ताल की थी, जिसके बाद बोर्ड को फिलहाल परियोजना टालनी पड़ी थी और एक कमेटी का गठन किया गया था. वार्षिक बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि भवन मार्ग पर काम करने वाले घोड़े, पिट्ठू और पालकी सेवा से जुड़े लोगों का चरणबद्ध तरीके से पुनर्वास कराया जाएगा और उसके बाद ही रोपवे परियोजना आगे बढ़ाई जाएगी.

4.5 लाख लोगों की आजीविका प्रभावित होगी

यात्रा से जुड़े लोगों का कहना है कि रोपवे शुरू होने से करीब 4.5 लाख लोगों की आजीविका प्रभावित होगी. उनका तर्क है कि इस मार्ग पर करीब 4,000 घोड़े वाले, 12,000 पिट्ठू और पालकी सेवा से जुड़े लोग काम करते हैं. इसके अलावा दर्शनी ड्योढ़ी से भवन की ओर करीब 3.5 किलोमीटर के दायरे में लगभग 7,500 दुकानें हैं, जिनमें हर दुकान पर औसतन 5 से 7 लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है. कटरा में 750 से अधिक होटल और 150 से ज्यादा धर्मशालाएं भी इस यात्रा पर निर्भर हैं.

विरोध कर रहे लोगों का यह भी कहना है कि रोपवे लगने से पारंपरिक धार्मिक यात्रा क्रम प्रभावित होगा. श्रद्धालु आमतौर पर दर्शनी ड्योढ़ी, चरण पादुका जैसे पड़ावों से होते हुए भवन और फिर भैरव मंदिर के दर्शन कर यात्रा पूर्ण करते हैं. उनका मानना है कि रोपवे से यह क्रम बाईपास हो जाएगा और यात्रा की पारंपरिक भावना कमजोर पड़ेगी.

श्राइन बोर्ड का क्या पक्ष है?

वहीं, श्राइन बोर्ड का पक्ष है कि हर साल भवन पहुंचने वाले करीब 80 से 90 लाख श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देने के लिए यह परियोजना जरूरी है, ताकि श्रद्धालु कम समय में दर्शन कर सकें और बुजुर्गों व दिव्यांग यात्रियों को विशेष सहूलियत मिल सके. फिलहाल पूरा विवाद श्राइन बोर्ड और यात्रा से जुड़े स्थानीय हितधारकों के बीच खिंचता नजर आ रहा है. अब नजर इस बात पर है कि एक दिन के सांकेतिक बंद का बोर्ड के रुख पर कितना असर पड़ता है.

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Pradesh Samna
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