अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा फैसला, व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस और कैबिनेट रूम को घोषित किया राष्ट्रीय स्मारक
वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण और चौंकाने वाले आदेश पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत उन्होंने व्हाइट हाउस के प्रतिष्ठित ओवल ऑफिस और कैबिनेट रूम को आधिकारिक तौर पर ‘राष्ट्रीय स्मारक’ घोषित कर दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि इस फैसले का मुख्य उद्देश्य इन दोनों ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कमरों को भविष्य में कभी भी तोड़े जाने या उनके मूल स्वरूप व वास्तुकला को बदलने से पूरी तरह सुरक्षित रखना है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में संपन्न हुए मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को मिली हार के ठीक बाद राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा लिया गया यह अपना पहला बड़ा आधिकारिक निर्णय है।
भविष्य के राष्ट्रपतियों के इंटीरियर डेकोरेशन बदलने पर नहीं होगी रोक, लेकिन ओवल ऑफिस का ढांचा और आकार नहीं बदला जा सकेगा
हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप का यह नया आदेश भविष्य में आने वाले राष्ट्रपतियों को इन कमरों की आंतरिक सजावट (इंटीरियर) बदलने से कानूनी रूप से नहीं रोकता है। भावी राष्ट्रपति चाहें तो अपनी पसंद के अनुसार नए फर्नीचर रख सकते हैं और कमरों को अपनी रुचि के मुताबिक सजा सकते हैं, और यहाँ तक कि अगला राष्ट्रपति इस आदेश को रद्द भी कर सकता है। खुद ट्रंप ने भी अपने पिछले कार्यकाल के दौरान पूर्व राष्ट्रपतियों द्वारा बनाए गए कई राष्ट्रीय स्मारकों का दर्जा समाप्त किया था। इस संबंध में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी व्यक्ति को ओवल ऑफिस की दीवारों को तोड़ने या उसके मूल आकार और डिजाइन से छेड़छाड़ करने की अनुमति बिल्कुल नहीं होनी चाहिए, क्योंकि ओवल ऑफिस ठीक उसी तरह अमेरिका की वैश्विक पहचान का प्रतीक है जैसे खुद व्हाइट हाउस है।
सजावट में बदलाव की मिलेगी पूरी छूट, लेकिन ऐतिहासिक ढांचे को नुकसान पहुँचाने वाले बड़े बदलावों के लिए होगी कड़ी जांच
अपने इस आदेश की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए ट्रंप ने बताया कि देश के राष्ट्रपति को ओवल ऑफिस की सजावट में बदलाव करने, नए फर्नीचर शामिल करने या सुरक्षा तथा रोजमर्रा के प्रशासनिक कार्यों के लिहाज से जरूरी फेरबदल करने की पूरी छूट रहेगी। हालांकि, यदि कोई ऐसा परिवर्तन किया जाता है जिससे इमारत के मूल ऐतिहासिक ढांचे या उसकी पहचान को भारी नुकसान पहुँचने की आशंका हो, तो ऐसा करने से पहले गहन जांच करनी होगी और अन्य तमाम वैकल्पिक तरीकों पर भी विचार करना आवश्यक होगा। ट्रंप ने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि यदि भविष्य में कोई ओवल ऑफिस को गोल से चौकोर आकार में बदलना चाहेगा, तो उसे कांग्रेस की अनुमति लेनी होगी, हालांकि उनके लिखित आदेश में कांग्रेस की औपचारिक मंजूरी लेना अनिवार्य नहीं बताया गया है। नए नियमों के मुताबिक अब इन ऐतिहासिक कमरों की देखरेख की जिम्मेदारी देश के गृह मंत्री संभालेंगे।
बॉलरूम निर्माण और चंदे को लेकर शुरू हुई राजनीतिक खींचतान, डेमोक्रेट सांसदों ने शुरू की ट्रंप के फैसलों की जांच की तैयारी
जब राष्ट्रपति ट्रंप इस आदेश पर हस्ताक्षर कर रहे थे, उस दौरान उनकी मेज पर ‘वीटो’ लिखा हुआ एक लाल रंग का बेसबॉल कैप भी रखा हुआ था, जिसे कांग्रेस के बदलते राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। इस बीच, विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने राष्ट्रपति ट्रंप के इन तमाम निर्माण कार्यों की कानूनी जांच करने की पूरी तैयारी कर ली है। सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने व्हाइट हाउस में बनाए जा रहे नए बॉलरूम के लिए चंदा देने वाले दानदाताओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी है, और चेतावनी दी है कि यदि समय पर जवाब नहीं मिला तो अन्य कानूनी तरीकों से भी यह जानकारी जुटाई जाएगी। ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान ओवल ऑफिस की दीवारों पर कई ऐतिहासिक तस्वीरें, अमेरिकी स्वतंत्रता की घोषणा की एक दुर्लभ प्रति और आकर्षक सोने की नक्काशी वाली सजावट लगवाई है, साथ ही कैबिनेट रूम में नए झूमर भी लगवाए हैं। हालांकि, उनके कई निर्माण कार्यों पर पहले से ही कुछ मुकदमे चल रहे हैं जिनमें यह आरोप लगाया गया है कि ये बदलाव जरूरी प्रशासनिक मंजूरियां लिए बिना किए गए हैं। अंत में ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि भविष्य में कोई भी ओवल ऑफिस की दीवारों को तोड़ने का दुस्साहस करे, तो उन्हें तुरंत फोन किया जाए, क्योंकि वे खुद व्यक्तिगत रूप से लौटकर ऐसा होने से रोकेंगे।