Ujjain Mahakal Update: उज्जैन महाकाल मंदिर में विशेष परंपरा; भोलेनाथ को ठंडक देने के लिए शिवलिंग पर प्रवाहित होगी जलधारा मध्यप्रदेश By Nayan Datt Last updated Mar 30, 2026 उज्जैन। वैशाख व ज्येष्ठ मास की भीषण गर्मी में भगवान महाकाल को ठंडक प्रदान करने के लिए उनके शीश मिट्टी की मटिकयों में जल भरकर शीतल जलधारा प्रवाहित की जाएगी। मटकियों के माध्यम से जल अर्पण की इस परंपरा को गलंतिका बंधन कहा जाता है। महाकाल मंदिर में गलंतिका बांधने का क्रम 3 अप्रैल से 30 मई तक दो माह चलेगा। यह भी पढ़ें MP Electric Bus Update: इंदौर से महेश्वर और बुरहानपुर तक… Apr 5, 2026 Jabalpur Crime: जबलपुर में ‘नकली परिवार’ का बड़ा… Apr 5, 2026 ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से ज्येष्ठ पूर्णिमा तक पूरे दो माह गलंतिका बांधी जाती है। इस बार गलंतिका बांधने की शुरुआत वैशाख कृष्ण प्रतिपदा पर 3 अप्रैल से होगी। पुजारी पवित्र नदियों के नाम से उनका आह्वान पूजन कर भगवान के शीश गलंतिका बांधेंगे। इसके बाद शाम 4 बजे तक शीतल जल अर्पण होगा। मटकियों के माध्यम से जल अर्पण का क्रम निर्धारित समय पर पूरे दो माह तक चलेगा। Share