उज्जैन में विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में इन दिनों महाशिवरात्रि पर्व की धूम मची हुई है. पिछले 10 दिन से मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है. बाबा महाकाल के 44 घंटे से सतत दर्शन जारी है. अब तक लाखों श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त कर चुके हैं. महाकालेश्वर मंदिर में आज सुबह बाबा महाकाल की भस्म आरती नहीं की गई. भस्म आरती होगी, मगर दोपहर 12 बजे.
बाबा महाकाल को दूल्हा बनकर 11 फीट का पुष्प मुकुट से सहारा सजाया गया है. आज यानि सोमवार तो बाबा महाकाल के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को अद्भुत श्रंगार के दर्शन हुए. महाकाल मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने सेहरा दर्शन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि महाशिवरात्रि पर बाबा महाकाल को सेहरा सजाया जाता है. इसके पहले बाबा महाकाल का विशेष पूजन अर्चन कर चार प्रहर की पूजा की जाती है.
इस पूजन के दौरान बाबा का महाभिषेक किए जाने के साथ ही उन्हें सप्तधान्य भी अर्पित किए जाते हैं जिसमें चावल, मूंग, तिल, मसूर, गेहूं के साथ ही उड़द व अन्य अनाज भी शामिल रहता है. बताया कि बाबा महाकाल को चढ़ाए जाने वाले इस सेहरे में फूलों के साथ ही सोने, चांदी के आभूषण से भी बाबा महाकाल का श्रृंगार किया जाता है. दर्शन के बाद इस सेहरे को लुटाया भी जाता है. ऐसी मान्यता है कि बाबा महाकाल को अर्पित की जाने वाली यह सामग्री धन-धान्य को बढ़ाती है और इससे परिवार में शांति बनी रहती है.
भक्तों ने कहा- दर्शन करके हो गए धन्य
बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने जब आज उनके सेहारा स्वरूप में दर्शन किए तो वह गदगद हो गए. उनका कहना था कि हमने इसके पहले ऐसे दर्शन कभी नहीं किए हैं. बाबा महाकाल का वर्ष भर में सिर्फ एक बार सेहरा श्रृंगार किया जाता है, जिसमें सप्तधान्य से बाबा महाकाल का पूजन अर्चन किया जाने के बाद उन्हें 11 फीट का सहारा सजाया जाता है. भक्तों ने इन दर्शनों का लाभ लेने के साथ ही जय श्री महाकाल का उद्घोष भी किया.
सुबह नहीं आज दोपहर को होगी भस्म आरती
वैसे तो कालों के काल बाबा महाकाल को प्रतिदिन सुबह 4 बजे पूजन अर्चन व श्रृंगार के बाद भस्म अर्पित की जाती है. लेकिन महाशिवरात्रि के 1 दिन बाद यानी कि आज एक ऐसा दिन रहता है जब बाबा महाकाल की भस्म आरती सुबह 4 बजे नहीं बल्कि दोपहर 12 बजे होती है. आज दोपहर 12 बजे इस पूजन की शुरुआत होगी इसके बाद बाबा को भस्म अर्पित की जाएगी. वैसे तो इस आरती को देखने के लिए लाखों श्रद्धालु मंदिर में पहुंचेंगे लेकिन नंदी हॉल कार्तिक मंडपम और गणेश मंडपम में सीमित स्थान होने के कारण आम श्रद्धालुओं को यहां बैठने के लिए प्रवेश नहीं दिया जाएगा. भस्म आरती के दौरान चलायमान व्यवस्था जरूर जारी रहेगी जिससे आम श्रद्धालु इस दर्शन के लाभ जरूर ले पाएंगे.
