अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए में आई जबरदस्त तेजी, करीब 200 दिनों के उच्चतम स्तर पर पहुंचकर 93 के आंकड़े पर पहुंचा रुपया
नई दिल्ली: विदेशी मुद्रा बाजार से भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बेहद सकारात्मक और उत्साहजनक खबर सामने आई है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए ने एक बार फिर से शानदार छलांग लगाई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, रुपया लगभग 200 दिन के लंबे अंतराल के बाद 94 के कमजोर स्तर से मजबूत होकर सीधे 93 के स्तर पर आ गया है। सबसे खास बात यह है कि बीते मात्र 7 कारोबारी सत्रों के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपए में कुल 1.31 प्रतिशत की मजबूत तेजी दर्ज की जा चुकी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, विदेशी निवेशकों द्वारा की जा रही भारी खरीदारी और अमेरिका में हुए मिडटर्म चुनावों में राजनीतिक बदलावों के बाद से रुपए की स्थिति में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में डॉलर के मुकाबले रुपया और मजबूत होकर 90 के मनोवैज्ञानिक स्तर तक भी पहुंच सकता है।
शुक्रवार के कारोबार में 43 पैसे की जोरदार बढ़त के साथ 93.98 के स्तर पर बंद हुआ रुपया, घरेलू शेयर बाजार में भी दिखी भारी रौनक
विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया शुक्रवार के कारोबारी सत्र में 43 पैसे की जोरदार तेजी के साथ 93.98 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ। अमेरिकी डॉलर सूचकांक में कमजोरी का रुख बने रहने, ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आने और आयात लागत को लेकर निवेशकों की चिंताओं में कमी आने से कारोबारी धारणा काफी मजबूत हुई है। इसके अलावा, घरेलू शेयर बाजारों में आई जबरदस्त तेजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर खर्च को लेकर उपजी अनिश्चितताओं की आशंकाओं से भी रुपए को काफी सपोर्ट मिला है। इंटरबैंक फॉरेन करेंसी एक्सचेंज में रुपया आज 94.50 प्रति डॉलर पर खुला था, और कारोबार के दौरान इसने 93.82 के उच्च तथा 94.50 के निचले दायरे को छूते हुए अंततः 93.98 के स्तर पर अपनी विदाई दी।
22 अप्रैल 2026 के बाद सबसे मजबूत स्थिति में पहुंचा रुपया, 28 अक्टूबर के 95.23 के निचले स्तर से अब तक दर्ज हुई 1.31% की मजबूती
करेंसी मार्केट के आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो डॉलर के मुकाबले रुपया अब अपने लगभग 200 दिन के सबसे ऊंचे मुकाम पर पहुंच गया है। इससे पहले आखिरी बार रुपया 94 के दायरे से बेहतर स्थिति में 22 अप्रैल 2026 को नजर आया था, जब यह 93.80 प्रति डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा था। आंकड़ों से यह भी स्पष्ट होता है कि पिछले 7 कारोबारी दिनों में रुपए ने डॉलर के मुकाबले 1.31 फीसदी की शानदार रिकवरी की है। बीते 28 अक्टूबर को डॉलर के मुकाबले रुपया गिरकर 95.23 के कमजोर स्तर तक चला गया था, जिसके बाद से लगातार आ रही रिकवरी के चलते अब इसमें 1.31 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़त हासिल हो चुकी है।
वैश्विक बाजार और घरेलू शेयर बाजार का हाल— सेंसेक्स और निफ्टी में भारी उछाल के साथ विदेशी निवेशकों ने की ताबड़तोड़ लिवाली
इस बीच, वैश्विक बाजारों और घरेलू कमोडिटी व इक्विटी सेगमेंट का हाल इस प्रकार रहा:
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दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत का आकलन करने वाला डॉलर सूचकांक 0.49 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 102.04 के स्तर पर दर्ज किया गया।
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अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल का वायदा भाव 2.04 प्रतिशत की तेजी के साथ 100.30 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा।
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घरेलू शेयर बाजार में आज जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, जहाँ बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 1,718.01 अंकों के भारी उछाल के साथ 81,028.02 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 493.75 अंकों की शानदार बढ़त के साथ 25,030.35 अंक पर बंद हुआ।
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एक्सचेंज के अंतिम आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) बाजार में बड़े शुद्ध खरीदार (Buyer) के रूप में उभरे और उन्होंने शुक्रवार को कुल 13,749.82 करोड़ रुपए के शेयरों की शुद्ध लिवाली की।
जानकारों की राय— घरेलू बाजारों की मजबूती और विदेशी निवेश के दम पर सकारात्मक दायरे में रहेगा रुपया
मशहूर ब्रोकरेज फर्म मिराए एसेट शेयरखान के रिसर्च एनालिस्ट अनुज चौधरी ने इस आर्थिक घटनाक्रम पर अपनी राय रखते हुए कहा कि हमारा अनुमान है कि देश के घरेलू बाजारों की मजबूती और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा लगातार बढ़ाए जा रहे निवेश के कारण आने वाले दिनों में भी रुपया सकारात्मक रुझान के साथ ही कारोबार करता नजर आएगा। अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनावों के परिणामों के बाद डॉलर में आई कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट से भी भारतीय मुद्रा को लगातार समर्थन मिल रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी चेताया कि रूस-यूक्रेन के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव और पश्चिम एशिया के मोर्चे पर चल रहे संघर्ष जैसी वैश्विक परिस्थितियां रुपए की इस तेज रफ्तार पर थोड़ा बहुत अंकुश लगा सकती हैं। उनके अनुसार, निकट भविष्य में डॉलर के मुकाबले रुपए की हाजिर विनिमय दर (Spot Exchange Rate) 93.65 से 94.20 के दायरे के भीतर घूमने की संभावना है।