चंडीगढ़ (हरियाणा): हरियाणा सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता पवन कुमार मुतनेजा को राज्य का नया महाधिवक्ता (Advocate General – AG) नियुक्त किया है।
प्रशासनिक न्याय विभाग की ओर से 21 अगस्त 2026 को जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, वरिष्ठ अधिवक्ता पवन कुमार मुतनेजा की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से प्रभावी हो गई है। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि उनके कार्यकाल और सेवा से संबंधित विस्तृत नियम व शर्तें बाद में जारी की जाएंगी। राज्य के राज्यपाल द्वारा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 165(1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह महत्वपूर्ण विधिक नियुक्ति की गई है।
👨👩👧👦 पानीपत से जुड़ाव, पूर्व CJI के दामाद और बैंक अधिकारी से वकालत का सफर
पारिवारिक पृष्ठभूमि और करियर का आरंभ:
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पारिवारिक पृष्ठभूमि: पवन कुमार मुतनेजा पानीपत स्थित प्रसिद्ध ‘प्रेम हॉस्पिटल’ के संस्थापक स्वर्गीय डॉ. प्रेम के सुपुत्र और डॉ. पंकज के बड़े भाई हैं।
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प्रतिष्ठित विधिक परिवार: पवन मुतनेजा के ससुर न्यायमूर्ति एम. एम. पूंछी (M. M. Punchhi) भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) रह चुके हैं।
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सामाजिक व राजनीतिक संबंध: भाजपा के वरिष्ठ नेता नीति सेन भाटिया और डॉ. प्रेम के परिवार के बीच लंबे समय से घनिष्ठ पारिवारिक संबंध रहे हैं।
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बैंकिंग से वकालत की राह: वकालत शुरू करने से पूर्व मुतनेजा ने वर्ष 1984-85 में सिवाह स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में अधिकारी के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां वे बाबरपुर निवासी रोशन सचदेवा के साथ बैंक अधिकारी थे। इसके बाद वे वकालत के पेशे को अपनाने के लिए चंडीगढ़ चले गए और वहीं बस गए।
⚖️ 1985 से वकालत का लंबा अनुभव, 2021 में बने थे सीनियर काउंसिल
विधिक अनुभव और कार्यक्षेत्र में विशेषज्ञता:
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चार दशकों का अनुभव: मुतनेजा कानून के क्षेत्र में एक मंजे हुए और प्रतिष्ठित अधिवक्ता हैं; वे वर्ष 1985 से वकालत के पेशे में निरंतर सक्रिय हैं।
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सीनियर काउंसिल का दर्जा: वर्ष 2021 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा उन्हें आधिकारिक रूप से ‘सीनियर काउंसिल’ नामित किया गया था।
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पूर्व में अतिरिक्त महाधिवक्ता: मुतनेजा वर्ष 1996 से 1999 के दौरान हरियाणा के अतिरिक्त महाधिवक्ता (Additional AG) के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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कानूनी विशेषज्ञता: उन्हें संवैधानिक विधि (Constitutional Law), श्रम एवं औद्योगिक कानून (Labour & Industrial Law), सिविल, क्रिमिनल और भूमि अधिग्रहण से जुड़े जटिल मामलों की गहरी समझ और व्यापक अदालती अनुभव है।
📜 परविंदर सिंह चौहान के हाईकोर्ट जज बनने से रिक्त हुआ था पद
संवैधानिक प्रावधान और सरकार का मुख्य विधिक पक्ष:
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पद रिक्त होने का कारण: पूर्व एडवोकेट जनरल परविंदर सिंह चौहान को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश (Judge) के रूप में शपथ दिलाई गई थी, जिसके बाद महाधिवक्ता का संवैधानिक पद रिक्त हो गया था।
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राज्य के मुख्य कानूनी सलाहकार: अब हरियाणा सरकार के मुख्य विधिक सलाहकार के रूप में पवन कुमार मुतनेजा हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और अन्य न्यायिक अधिकरणों में सरकार का पक्ष मजबूती से रखेंगे।