रायपुर: दीपावली और धनतेरस के पावन पर्व पर अपने घर परिवार के पास लौटने की आस लगाए बैठे यात्रियों की जेब पर हवाई यात्रा भारी पड़ने लगी है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से देश के प्रमुख महानगरों की तरफ जाने वाली और वहां से लौटने वाली उड़ानों के किराए में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौजूदा हालातों को देखें तो रायपुर से पुणे, मुंबई और दिल्ली जैसे प्रमुख शहरों का हवाई किराया सामान्य दिनों की तुलना में दोगुने से लेकर तीन गुना तक अधिक महंगा हो चुका है, जिससे यात्रियों के बजट पर सीधा असर पड़ रहा है।
ट्रेनों में लंबी वेटिंग से फ्लाइट्स पर बढ़ा दबाव
त्योहारी सीजन के दौरान अपने घर पहुंचने के लिए आमतौर पर लोग ट्रेनों को पहली प्राथमिकता देते हैं, लेकिन इस समय रायपुर से गुजरने वाली तमाम महत्वपूर्ण ट्रेनों में सीटें पूरी तरह फुल हो चुकी हैं। लंबी वेटिंग लिस्ट और कंफर्म टिकट मिलने की अनिश्चितता के कारण यात्रियों के पास केवल हवाई यात्रा का ही विकल्प बचता है। ऐसे में नौकरीपेशा लोगों और छात्र-छात्राओं को मजबूरी में महंगे दाम पर फ्लाइट्स बुक करनी पड़ रही है, जिससे विमानों में सीटों की मांग अचानक कई गुना बढ़ गई है।
प्रमुख महानगरों के किराए में भारी उछाल
सामान्य दिनों में रायपुर से बड़े शहरों का सफर काफी सुलभ और किफायती रहता था, लेकिन अब टिकटों की आसमान छूती कीमतों ने आम आदमी का बजट बिगाड़ दिया है। रायपुर से पुणे का किराया बढ़कर 19,488 से 20,000 रुपये तक पहुंच गया है, जो सामान्य दिनों में महज 6,000 से 7,500 रुपये के आसपास रहता था। इसी प्रकार मुंबई का टिकट जो पहले करीब 5,500 रुपये में मिलता था, वह अब 14,356 से 15,500 रुपये और दिल्ली के लिए 9,327 से 12,000 रुपये तक वसूला जा रहा है। इसके अलावा कोलकाता का किराया 14,000 रुपये और हैदराबाद का टिकट 13,000 रुपये तक पहुंच चुका है।
डायनेमिक प्राइसिंग के कारण लगातार बदल रहे दाम
विमानन क्षेत्र के जानकारों के अनुसार, एयरलाइंस कंपनियां मांग के आधार पर काम करने वाले यानी डायनेमिक फेयर सिस्टम का उपयोग करती हैं। जैसे-जैसे फ्लाइट में खाली सीटों की संख्या कम होती जाती है, टिकटिंग सॉफ्टवेयर स्वचालित रूप से किराए की दरें बढ़ा देता है। त्योहार के दिन जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, टिकटों के दाम एक ही दिन में कई-कई बार बदल रहे हैं। सुबह के समय दिखने वाली दरें दोपहर या शाम तक हजारों रुपये बढ़ जाती हैं, जिसके कारण अंतिम समय में यात्रा की योजना बनाने वाले मुसाफिरों को आर्थिक रूप से बड़ा झटका लग रहा है।
टिकट रद्द या री-शेड्यूल कराने पर भी भारी जुर्माना
महंगे किराए की मार झेल रहे यात्रियों के लिए अचानक अपनी यात्रा को टालना या उसकी तारीख बदलना भी आसान नहीं रह गया है। यदि किसी अपरिहार्य कारणों से यात्रा की तिथि में बदलाव करना पड़े या टिकट रद्द करानी पड़े, तो एयरलाइंस कंपनियों द्वारा 2,000 से 3,500 रुपये तक भारी कैंसिलेशन और री-शेड्यूलिंग चार्ज वसूला जा रहा है। नतीजतन, त्योहार पर अपने घर अपनों के बीच पहुंचने की खुशी अब कई परिवारों के लिए भारी आर्थिक तनाव का कारण बनती जा रही है।