पलामू: पलामू जिले के मेदिनीनगर स्थित हमीदगंज के रहने वाले अश्विनी भारती ने अपनी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में शानदार सफलता प्राप्त की है। उन्होंने 618वीं रैंक हासिल कर राजस्व सेवा में अपना स्थान पक्का किया है। अश्विनी की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे पलामू जिले के लिए गर्व का विषय है।
💼 स्टेनोग्राफर से लेकर प्रशाखा पदाधिकारी तक का सफर
अश्विनी की सफलता का सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। वे मूल रूप से पलामू के तरहसी स्थित धनगांव के रहने वाले हैं। इससे पहले वे बिहार के गया कोर्ट में स्टेनोग्राफर के पद पर कार्यरत थे। वर्तमान में वे झारखंड में सीजीएल (CGL) की परीक्षा उत्तीर्ण कर सहायक प्रशाखा पदाधिकारी के पद पर तैनात हैं। उनकी शिक्षा की बात करें तो उन्होंने 10वीं तक की पढ़ाई सरस्वती शिशु विद्या मंदिर और स्नातक की पढ़ाई जीएलए (GLA) कॉलेज से पूरी की है।
📚 बिना ट्यूशन-कोचिंग के मिली कामयाबी
अश्विनी भारती की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उन्होंने किसी भी महंगे कोचिंग संस्थान या ट्यूशन का सहारा नहीं लिया। उन्होंने सेल्फ-स्टडी (स्वयं अध्ययन) पर भरोसा जताया और नियमित रूप से अपनी तैयारी जारी रखी। उनके पिता वीरेंद्र भारती, जो खुद एक सहायक शिक्षक हैं, बताते हैं कि अश्विनी रात-रात भर जागकर पढ़ाई करते थे और उनका दृढ़ निश्चय ही उनकी सफलता का कारण बना।
🎯 लक्ष्य है UPSC को क्रैक करना
अश्विनी का सफर यहीं नहीं रुकने वाला है। उनका अंतिम लक्ष्य संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा उत्तीर्ण कर देश और समाज की सेवा करना है। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि “धैर्य रखें और अपनी तैयारी को निरंतरता (Consistency) के साथ जारी रखें, सफलता जरूर मिलेगी।”
👪 परिवार में जश्न का माहौल
अश्विनी की मां उनके संघर्ष को याद कर भावुक हो जाती हैं। वे बताती हैं कि प्रतिकूल परिस्थितियों में भी उनका बेटा बिना पंखे या कूलर के लगातार पढ़ाई में जुटा रहता था। आज उनकी सफलता से पूरे धनगांव और उनके परिवार में खुशी का माहौल है। गांव के लोग उनके बेटे के जुनून और जिद्द की मिसाल दे रहे हैं।