Palamu Crime News: पलामू प्रमंडल में सक्रिय अंतर्राज्यीय सोना-चांदी लूट गिरोह; यूपी-बिहार के गैंग का बढ़ा खौफ
पलामू: नशा और शराब तस्करों के बाद अब पलामू प्रमंडल (पलामू, गढ़वा और लातेहार) का इलाका सोना-चांदी लूटने वाले अंतर्राज्यीय गिरोहों के निशाने पर है। उत्तर प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ से सटे होने के कारण यह इलाका इन शातिर गैंग्स का ‘सॉफ्ट टारगेट’ बन गया है। गिरोह के सदस्य स्थानीय इलाकों में रेकी करने के बाद दूरदराज के इलाकों में किराये का मकान लेकर रहते हैं और वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं।
🕵️ गैंग का तरीका-ए-वारदात
लूट और ठगी के इस खेल में महिला और पुरुष गिरोह अलग-अलग काम करते हैं:
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पुरुष गैंग: मुख्य रूप से गोरखपुर और नेपाल सीमा से सटे बिहार के जिलों से संचालित होता है, जो दुकानों को निशाना बनाता है।
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महिला गैंग: बिहार के सीतामढ़ी, सीतापुर और चंदौली जैसे इलाकों से ऑपरेट होता है, जो केमिकल या पाउडर का उपयोग कर महिलाओं के जेवरात पलक झपकते ही गायब कर देता है।
📊 पुलिस की रणनीति और सुरक्षा ऑडिट
डीआईजी किशोर कौशल ने बताया कि अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने विशेष अभियान छेड़ दिया है।
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सभी थाना प्रभारियों को ज्वेलरी शॉप्स की सूची तैयार कर उनसे समन्वय बनाने का निर्देश दिया गया है।
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दुकानों में ‘पुलिस अलार्म सिस्टम’ लगाने की अपील की गई है।
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पुराने अपराधियों और चिन्हित गैंग्स का वेरिफिकेशन कर उनका डेटाबेस तैयार किया जा रहा है।
🔍 प्रमुख घटनाएं (केस स्टडी)
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जून 2026 (नौडीहा बाजार): जेवरात साफ करने के नाम पर सोना ठगने वाले सुपौल (बिहार) के दो युवक पकड़े गए।
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फरवरी 2024 (गढ़वा): डेढ़ करोड़ के जेवरात की बड़ी लूट, आठ आरोपी गिरफ्तार।
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अक्टूबर 2025 (पलामू): केमिकल का इस्तेमाल कर जेवरात गायब करने वाला महिला गैंग धराया।
