नई दिल्ली: आज से करीब दो दशक पहले जब मोबाइल फोन में फ्रंट कैमरा आया था, तब शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि एक दिन यही सेल्फी आपकी पहचान साबित करने का सबसे बड़ा जरिया बन जाएगी।
धीरे-धीरे पूरी दुनिया में सेल्फी का चलन बढ़ा और वर्ष 2013 में ‘ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी’ (Oxford Dictionary) ने ‘Selfie’ को वर्ड ऑफ द ईयर (Word of the Year) तक घोषित कर दिया था। अब यही सेल्फी केवल सोशल मीडिया पर फोटो पोस्ट करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आपके गूगल (Gmail) अकाउंट की सुरक्षा को मजबूत करने में भी मुख्य भूमिका निभाएगी।
🤳 Gmail में साइन-इन के लिए आ रहा ‘Selfie Video’ फीचर, पासवर्ड की झंझट होगी खत्म
गूगल ने जीमेल (Gmail) लॉगिन प्रक्रिया को पहले से अधिक सुरक्षित और सुलभ बनाने के लिए नया ‘सेल्फी वीडियो’ (Selfie Video) वेरिफिकेशन फीचर पेश किया है।
इस फीचर की मदद से यदि आप कभी अपना जीमेल पासवर्ड भूल जाते हैं या आपका स्मार्टफोन गुम अथवा चोरी हो जाता है, तब भी अपने गूगल अकाउंट तक पहुंच बनाना काफी आसान और सुरक्षित हो जाएगा।
इस फीचर को ऑन करना बेहद सरल है। यूजर को जीमेल की सेटिंग्स (Settings) में ‘सुरक्षा और साइन-इन’ (Security and Sign-in) सेक्शन के अंदर इसका विकल्प मिलेगा। इसके बाद आपको फोन के फ्रंट कैमरे के सामने अपना चेहरा स्कैन कराना होगा। इसके लिए आपको अलग-अलग एंगल से सिर को थोड़ा-थोड़ा घुमाकर एक छोटा वीडियो रिकॉर्ड करना होगा।
📱 iPhone के Face ID जैसा होगा सेटअप, AI और Deepfake का खतरा भी होगा बेअसर
यह पूरी प्रक्रिया काफी हद तक एप्पल (Apple) के आईफोन में मिलने वाले Face ID सेटअप जैसी ही काम करेगी।
एक बार सेटअप पूरा हो जाने के बाद, जब भी आपको किसी नए डिवाइस में जीमेल लॉगिन करने की आवश्यकता होगी, तो आप ‘सेल्फी वीडियो’ वाले विकल्प का चयन कर सकते हैं। इसके बाद सिस्टम आपका एक नया लाइव वीडियो रिकॉर्ड करेगा और उसका मिलान पहले से सुरक्षित (Save) किए गए वीडियो से करेगा, ताकि यह शत-प्रतिशत सुनिश्चित हो सके कि अकाउंट एक्सेस करने वाला व्यक्ति असली ओनर ही है।
आजकल एआई (AI) और डीपफेक (Deepfake) के बढ़ते खतरों को देखते हुए गूगल का यह एडवांस्ड सिस्टम यह भी जांचेगा कि रिकॉर्ड हो रहा वीडियो असली और लाइव है या नहीं। इसके लिए आपसे स्क्रीन पर कुछ आसान फेशियल मूवमेंट्स करने को कहा जा सकता है।
🔒 फोन चोरी या गुम होने पर भी आएगा काम, SIM न होने पर भी रिकवर होगा अकाउंट
यह फीचर उस समय सुरक्षा कवच का काम करेगा जब आपका स्मार्टफोन कहीं चोरी हो जाए।
ऐसी आपातकालीन स्थिति में आप किसी अन्य कंप्यूटर या मोबाइल से जीमेल अकाउंट में लॉगिन करके अपने खोए हुए फोन को तुरंत ट्रैक कर सकते हैं या चोरी हुए डिवाइस से अपना अकाउंट रिमोटली हटा सकते हैं। हालांकि, यह पहले भी संभव था, लेकिन कई बार सिम कार्ड या अन्य दो-चरणीय सत्यापन (2-Step Verification) विकल्प उपलब्ध न होने के कारण भारी परेशानी आती थी।
आपको बता दें कि सेल्फी वीडियो वेरिफिकेशन कोई एकदम नया कॉन्सेप्ट नहीं है; इंस्टाग्राम (Instagram) जैसे प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पहले से ही अकाउंट रिकवरी के लिए इस तरह की बायोमीट्रिक प्रणाली का उपयोग कर रहे हैं।
🔐 प्राइवेसी को लेकर उठे सवाल तो गूगल ने दिया जवाब: ‘पूरी तरह एन्क्रिप्टेड रहेगा डेटा’
इस नए फीचर के सामने आते ही उपयोगकर्ताओं के मन में निजता (Privacy) को लेकर सवाल उठना भी स्वाभाविक है।
इस पर गूगल (Google) ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि यह सेल्फी वीडियो पूरी तरह यूजर के नियंत्रण में रहेगा। इसे केवल आपकी स्पष्ट अनुमति से रिकॉर्ड किया जाएगा और अत्यधिक सुरक्षित सर्वर पर स्टोर किया जाएगा।
यूजर चाहें तो इस वीडियो डेटा को किसी भी समय अपने गूगल अकाउंट से हमेशा के लिए डिलीट कर सकते हैं। गूगल के अनुसार, इस वीडियो का उपयोग केवल साइन-इन और रिकवरी प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, स्टोरेज के दौरान वीडियो पूरी तरह ‘एन्क्रिप्टेड’ (Encrypted) रहेगा, जिससे किसी तीसरे पक्ष द्वारा डेटा में सेंधमारी की गुंजाइश खत्म हो जाती है।