National Unity Day 2026: लखनऊ में सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर सीएम योगी ने दिलाई एकता की शपथ, अनुच्छेद 370 पर कांग्रेस को घेरा
लखनऊ: देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाज को खंडित करने वाली ताकतों पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश की राष्ट्रीय एकता और अखंडता को तब सबसे बड़ा खतरा पैदा होता है, जब हम भाषा, क्षेत्र और जाति के नाम पर आपस में बंटकर कमजोर होने लगते हैं। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए समझाया कि जिस प्रकार मानव शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) खत्म होने पर बीमारियां जकड़ लेती हैं, ठीक उसी तरह जातिवाद, क्षेत्रवाद और भाषावाद जैसी कुरीतियां समाज की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देती हैं, जिससे बाहरी आक्रांताओं और राष्ट्रविरोधी ताकतों को देश पर हमला करने का अवसर मिल जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के महान लौह पुरुष सरदार पटेल का सच्चा अनुयायी वही व्यक्ति हो सकता है, जिसके लिए भारत की सुरक्षा और संप्रभुता सर्वोपरि हो।
जिन्ना को आदर्श मानने वाले कभी नहीं हो सकते सरदार पटेल के अनुयायी, जीपीओ पार्क में अर्पित की श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री योगी ने आगे कहा कि जो लोग देश का विभाजन करने वाले मोहम्मद अली जिन्ना को अपना आदर्श मानते हैं और समाज में वैमनस्य फैलाकर देश को बांटना चाहते हैं, वे कभी भी सरदार वल्लभ भाई पटेल के सच्चे मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुयायी नहीं हो सकते। सरदार पटेल की 151वीं जयंती के पावन अवसर पर राजधानी लखनऊ के हजरतगंज स्थित जीपीओ पार्क पहुंचकर मुख्यमंत्री ने उनकी आदमकद प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा इस दौरान उपस्थित जनसमूह को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के मौके पर देश की अखंडता बनाए रखने की शपथ भी दिलाई।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हो रहे हैं विशेष आयोजन, अनुच्छेद 370 को हमेशा के लिए दफन किए जाने का किया जिक्र
अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए सीएम योगी ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर वर्ष 2014 से लगातार प्रत्येक वर्ष 31 अक्टूबर को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में पूरे देश में बड़े पैमाने पर आयोजित किया जाता है। इस वर्ष लौह पुरुष की 151वीं जयंती के विशेष अवसर पर डबल इंजन सरकार की ओर से राज्यभर में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस दौरान कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने भारत के अभिन्न अंग कश्मीर में अनुच्छेद-370 लागू करके एक बड़ी भूल की थी, जिसका विरोध संविधान निर्माता बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर ने भी किया था, लेकिन कांग्रेस ने देशहित के खिलाफ यह ऐतिहासिक गलती की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दृढ इच्छाशक्ति दिखाते हुए अनुच्छेद-370 को हमेशा-हमेशा के लिए जमींदोज कर दिया, जिससे कश्मीर भी देश के अन्य राज्यों की तरह पूरी तरह से भारत का अभिन्न हिस्सा बन गया है। मुख्यमंत्री ने अंत में आरोप लगाया कि आज भी कुछ ताकतें राष्ट्रीय एकता के मार्ग में लगातार चुनौतियां खड़ी कर रही हैं और अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने के नापाक प्रयास कर रही हैं।