Mohammad Arman Arrested: प्रयागराज पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, उमेश पाल हत्याकांड का भगौड़ा आरोपी अरमान गया में मिला
प्रयागराज के चर्चित उमेश पाल हत्याकांड में 5 लाख रुपये का इनामी भगौड़ा मोहम्मद अरमान फरार होकर कहीं नहीं छिपा था, बल्कि वह बिहार की गया सेंट्रल जेल में बंद था। जिस मुख्य आरोपी की तलाश में यूपी पुलिस पिछले 3 साल से दर-दर भटक रही थी, उसका सुराग आखिरकार गया जेल के रिकॉर्ड से मिला है। यह पुख्ता जानकारी सामने आने के बाद 30 सितंबर को प्रयागराज के धूमनगंज थाने की पुलिस गया सेंट्रल जेल पहुंची और उसकी शिनाख्त की। इसके बाद 1 अक्टूबर को उसे प्रयागराज ले जाने के लिए कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड की अर्जी दाखिल की गई है।
🎥 सीसीटीवी फुटेज में बाइक चलाते आया था नजर: पीछे बैठा था बमबाज गुड्डू मुस्लिम
24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में हुए बहुचर्चित उमेश पाल हत्याकांड की गहन जांच के दौरान मोहम्मद अरमान का नाम सामने आया था। पुलिस जांच के अनुसार, घटना के समय सीसीटीवी (CCTV) फुटेज में एक मोटरसाइकिल दिखाई दी थी, जिसे कथित तौर पर अरमान चला रहा था। पुलिस का दावा है कि उसी बाइक के पीछे कुख्यात बमबाज गुड्डू मुस्लिम बैठा हुआ था। इसी आधार पर यूपी पुलिस ने अरमान को नामजद आरोपी बनाते हुए उसकी गिरफ्तारी पर 5 लाख रुपये का भारी-भरकम इनाम घोषित किया था।
⚖️ गया में फायरिंग केस और कोर्ट में सरेंडर: जानिए कैसे बिहार की जेल पहुंचा अरमान?
उमेश पाल हत्याकांड को अंजाम देने के तुरंत बाद अरमान यूपी से भागकर अपने गृह नगर गया लौट आया था। वह मूल रूप से गया शहर के कठोकर तालाब इलाके का निवासी है। गया पहुंचने के बाद उसके खिलाफ स्थानीय भोलू अंडा दुकान पर हुई फायरिंग का एक नया मामला दर्ज हुआ। इसी मामले में अरमान ने गया कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में गया सेंट्रल जेल भेज दिया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, वह 27 फरवरी 2023 से ही गया सेंट्रल जेल में बंद है, जबकि यूपी पुलिस उसे बाहर तलाशती रही।
🚔 3 साल बाद यूपी पुलिस को मिला सुराग: ट्रांजिट रिमांड पर प्रयागराज लाने की तैयारी तेज
प्रयागराज पुलिस को जब अरमान के गया जेल में बंद होने का इनपुट मिला, तो धूमनगंज थाने की विशेष टीम 30 सितंबर को गया सेंट्रल जेल पहुंची। पुलिस ने जेल के रिकॉर्ड के आधार पर अरमान की पहचान की और उसकी ताजा तस्वीरें व फिंगरप्रिंट (अंगूठे के निशान) लिए। 1 अक्टूबर को गया सिविल कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड के लिए आवेदन दाखिल किया गया है ताकि उसे उमेश पाल केस की आगे की पूछताछ के लिए जल्द से जल्द प्रयागराज लाया जा सके।
🛡️ परिवार ने बेटे को बताया निर्दोष: प्रयागराज ले जाने के दौरान सुरक्षा पर जताई गहरी चिंता
दूसरी ओर, इस पूरे मामले में अरमान के पिता शमीम और मां असगरी खातून ने अपने बेटे को पूरी तरह से निर्दोष बताया है। परिवार का कहना है कि अरमान प्रयागराज में केवल काम करता था और उसे उमेश पाल हत्याकांड में झूठा फंसाया गया है। बचाव पक्ष के वकील ने अरमान को उत्तर प्रदेश ले जाने के दौरान उसकी सुरक्षा को लेकर भी अदालत के समक्ष अपनी आशंका जाहिर की है। फिलहाल, उसकी प्रयागराज रवानगी अदालत के अंतिम आदेश पर निर्भर करेगी।