Mallikarjun Kharge Letter to PM Modi: परिसीमन और संविधान संशोधन को लेकर मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, सर्वदलीय बैठक की मांग

कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने 16 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा था, जो उनका इस सिलसिले में चौथा पत्र था. इस पत्र में उन्होंने जिक्र किया कि मानसून सत्र 13 अगस्त को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो चुका है, लेकिन दोनों सदनों का सत्रावसान (Prorogation) अभी तक नहीं हुआ है. उन्होंने दोहराया कि परिसीमन (Delimitation) जैसे बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दे पर संसद में कोई भी नया प्रस्ताव लाने से पहले सरकार को एक सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा कि संविधान संशोधन विधेयक को फिर से जबरन पारित करवाने की कोशिश न की जाए, जैसा कि अप्रैल महीने में देखने को मिला था.

🏛️ Kiren Rijiju Reply: किरेन रिजिजू ने दिया जवाब, कहा— चर्चा के लिए तारीख न देकर अन्य दलों से की गई है बातचीत

इस पत्र के ठीक तीन दिन बाद यानी 19 अक्टूबर को केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मल्लिकार्जुन खरगे को इसका लिखित जवाब भेजा. रिजिजू ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि सरकार की तरफ से पहले ही कई बार संपर्क साधा जा चुका है, और इस संबंध में 16 मार्च, 26 मार्च तथा 12 अप्रैल 2026 को पत्र भी लिखे गए थे. उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने खुद खरगे के साथ-साथ लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से भी बातचीत की थी. चूंकि कांग्रेस पार्टी की तरफ से चर्चा के लिए कोई निश्चित तारीख नहीं दी गई, इसलिए सरकार ने मजबूरन अन्य राजनीतिक दलों जैसे डीएमके, समाजवादी पार्टी, वाईएसआरसीपी, एनसीपी, शिवसेना (यूबीटी), एआईएमआईएम और बीजेडी के साथ चर्चा की. किरेन रिजिजू ने कहा कि अब बार-बार बैठक की मांग दोहराने के बजाय संसद में रचनात्मक सहयोग की आवश्यकता है, और सत्रावसान में देरी को लेकर स्पष्ट किया कि संविधान में इसके लिए कोई निश्चित समयसीमा तय नहीं है.

📜 क्या है 131वें संविधान संशोधन विधेयक का पूरा विवाद? अप्रैल में गिर चुका है यह बिल

दरअसल, इस पूरे राजनीतिक घमासान की जड़ अप्रैल 2026 में छिपी है. उस दौरान संसद में ‘संविधान (131वां संशोधन) विधेयक’ लोकसभा में पेश किया गया था, जिसमें लोकसभा की सीटों में बढ़ोतरी करने, वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर नया परिसीमन कराने और महिला आरक्षण को लागू करने का प्रावधान शामिल था. 17 अप्रैल को यह विधेयक सदन में दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा हासिल करने में असफल रहा और गिर गया, क्योंकि कई ऐसे दल, जिनसे पहले प्रारंभिक बातचीत हो चुकी थी, उन्होंने इसके खिलाफ मतदान कर दिया था.

❓ विपक्ष के तीन तीखे सवाल और दिल्ली की सियासत में विशेष सत्र की अटकलें

इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब विपक्ष सरकार के सामने तीन अहम सवाल खड़े कर रहा है: पहला यह कि क्या मोदी सरकार के पास परिसीमन का कोई नया ठोस प्रस्ताव मौजूद है, जिस पर किसी दल से पहले चर्चा की जा चुकी हो? दूसरा, सरकार सर्वदलीय बैठक बुलाने से क्यों बच रही है? और तीसरा, क्या एक बार हारा हुआ विधेयक दोबारा लाकर दो-तिहाई बहुमत हासिल करने की कोशिश की जाएगी? इसके जवाब में सरकार का रुख यह है कि पर्याप्त बातचीत पहले ही हो चुकी है, जबकि विपक्ष का मानना है कि इस तरह की चुनिंदा बैठकें नाकाफी हैं. इस बीच, दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में इस बात की जोरदार अटकलें लगाई जा रही हैं कि जल्द ही संसद का कोई विशेष सत्र बुलाया जा सकता है, क्योंकि उत्तर और दक्षिण भारत के बीच राजनीतिक प्रतिनिधित्व और संघवाद (Federalism) से जुड़ा यह परिसीमन का मुद्दा अभी भी पूरी तरह उलझा हुआ है.

क्या धारावी की जमीन के मालिक बन जाएंगे अडानी, जानिए असल कहानी?     |     EVM के इस्तेमाल की जिद क्यों? एलन मस्क की टिप्पणी के बाद अखिलेश यादव का सवाल     |     इंस्टा पर दोस्ती, होटल ले जाकर दोस्तों ने किया गंदा काम… सुसाइड से पहले युवक बता गया दर्द भरी दास्तां     |     तांत्रिक ने बीमारी ठीक करने का झांसा देकर महिला से किया दुष्कर्म     |     T20 World Cup: पाकिस्तान के बाहर होने पर सिद्धू ने खोली ICC की पोल, गावस्कर ने भी की खिंचाई     |     संसद में अब 2014 और 2019 वाली स्थिति नहीं…कभी भी गिर सकती है सरकार, स्पीकर पद को लेकर संजय राउत का बड़ा बयान     |     आयकर में दान पर टैक्स छूट के लिए फार्म 10बीई जरूर लें करदाता     |     राहुल गांधी ने छोड़ी वायनाड सीट तो प्रियंका गांधी होंगी उम्मीदवार! अगले तीन दिन में होगा फैसला     |     कोटा कोचिंग सेंटर में IIT की तैयारी करने वाले छात्र ने किया सुसाइड     |     उज्जैन से पीएमश्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा शुरू, CM मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी     |     भारत-बांग्लादेश सीमा पर सेना की बड़ी तैयारी, सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा हुई अभेद्य     |     Delhi High Court News: नेहा बोरा के पीस बॉन्ड पर सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित; पुलिस ने गिनाईं 6 FIR     |     पटना कंज्यूमर कोर्ट का फैसला: बिना नोटिस बाइक जब्त करना फाइनेंसर को पड़ा भारी     |     Gurugram Power Cut: बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से गुरुग्राम में ब्लैकआउट, पानी-बिजली संकट     |     Kashmir News: कश्मीर में अब खुलकर काम करेगा भारतीय मजदूर संघ, बारसू गांव में खुला नया ऑफिस     |     West Delhi News: मरीजों को तुरंत मिलेगी मदद, दिल्ली सरकार ने तैनात कीं 14 CATS एंबुलेंस     |     Tiger Shroff Firing Case: पुलिस का बड़ा दावा, अनिल पंडित के इशारे पर हुई थी फायरिंग     |     Alirajpur News: रावण दहन की अनुमति नहीं मिली तो लोगों ने निकाली रावण की अर्थी     |     Yamuna Pollution Delhi: यमुना की सफाई पर सियासत, 43 परियोजनाओं से क्या बदलेगी तस्वीर?     |     Chandauli News: धीना-जमानियां मार्ग पर सड़क किनारे मिले दो अज्ञात शव, जांच में जुटी पुलिस     |    

Pradesh Samna
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए सम्पर्क करें