Maharashtra Political Unity: महाराष्ट्र की राजनीति में दिखा अनोखा नजारा, एक मंच पर आए सीएम देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीतिक गलियारों में विभिन्न दलों के प्रमुख नेताओं को एक साथ किसी मंच पर देखना हमेशा से ही खासी चर्चा का विषय बन जाता है। राजधानी मुंबई में आयोजित एक विशेष पुस्तक विमोचन समारोह के दौरान गुरुवार को कुछ ऐसा ही दिलचस्प और अप्रत्याशित नजारा देखने को मिला, जब राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे के साथ एक ही मंच साझा किया।
‘महाराष्ट्र ची हास्यरेषा’ पुस्तक का हुआ विमोचन, आशीष शेलार ने की राजनेताओं की सराहना
यह पूरा भव्य कार्यक्रम राज्य के 75 दिग्गज कार्टूनिस्टों के उल्लेखनीय कार्यों और उनके जीवन पर आधारित पुस्तक ‘महाराष्ट्र ची हास्यरेषा’ (द लाफ्टर लाइन्स ऑफ महाराष्ट्र) के आधिकारिक विमोचन के लिए आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम की शुरुआत में सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने राज ठाकरे के निमंत्रण को सहर्ष स्वीकार करने के लिए मुख्यमंत्री फडणवीस की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तमाम राजनीतिक मतभेदों और वैचारिक दूरियों के बावजूद राजनेताओं को कला, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण के लिए अपने सभी गिले-शिकवे भुलाकर एक मंच पर आना चाहिए।
राज ठाकरे की मजेदार चुटकी पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का हास्य से भरा जवाब
इस समारोह के दौरान राजनीतिक दूरियों के बावजूद आपसी संवाद की पुरानी परंपरा पर खुलकर चर्चा हुई, जहाँ राज ठाकरे के चुटीले अंदाज और सीएम फडणवीस के हाजिरजवाबी ने वहां मौजूद लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। आशीष शेलार के संबोधन के बाद मंच पर बोलते हुए मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने तुरंत चुटकी लेते हुए कहा कि वह बेहद खुशी के साथ मुख्यमंत्री फडणवीस को भविष्य में भी बार-बार ऐसे कार्यक्रमों के लिए आमंत्रित करेंगे, बशर्ते आशीष शेलार यह सुनिश्चित करें कि वह कम से कम साल 2029 तक राज्य के मुख्यमंत्री बने रहें।
‘मैं 2019 से कर रहा हूं इंतजार…’, पूर्व मुख्यमंत्री पर सीएम फडणवीस का पलटवार
राज ठाकरे के इस हल्के-फुल्के तंज पर पूरा सभागार ठहाकों से गूंज उठा। इसके तुरंत बाद जवाब देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी उतने ही मजाकिया और सधे हुए अंदाज में पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वह तो उद्धव ठाकरे समेत राज्य के सभी नेताओं के निमंत्रण को हमेशा स्वीकार करते आए हैं। मुख्यमंत्री ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा, ‘वर्ष 2019 तक जब भी उद्धव ठाकरे ने मुझे किसी कार्यक्रम में बुलाया, मैं हमेशा वहाँ गया। लेकिन 2019 के बाद से उन्होंने मुझे कभी नहीं बुलाया, और मैं तब से उनके बुलावा भेजने का इंतजार कर रहा हूँ।’ गौरतलब है कि साल 2019 के विधानसभा चुनावों के बाद ही बीजेपी और शिवसेना के लंबे पुराने राजनीतिक गठबंधन में दरार आई थी और दोनों दल अलग हो गए थे।
विभिन्न दलों के नेताओं का एक साथ आना महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति का अहम हिस्सा
अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं वाले दलों के नेताओं को एक साथ एक मंच पर देखकर किसी को भी जरा भी अचरज नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह महाराष्ट्र की पुरानी और गौरवशाली राजनीतिक परंपरा का एक बेहद स्वाभाविक हिस्सा है। विभिन्न पार्टियों के नेता एक ही मंच पर शालीनता से शामिल हो सकते हैं, साथ बैठकर खुलकर हंस सकते हैं और सौहार्दपूर्ण माहौल में चाय की चुस्कियां ले सकते हैं। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने मुंबई में कार्टूनिस्टों के लिए एक समर्पित और भव्य गैलरी बनवाने की अपनी प्रबल इच्छा भी जाहिर की, जिसके निर्माण के लिए उन्होंने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे दोनों से सक्रिय सहयोग और मार्गदर्शन की मांग की।
राजनीति को किनारे रखकर कला और संस्कृति पर हुई बात: राज ठाकरे
कार्यक्रम के उपरांत मीडिया और उपस्थित लोगों से बात करते हुए मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने इस ऐतिहासिक मुलाकात पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोग शायद यह सोचकर हैरान हो रहे होंगे कि आज वे तीनों दिग्गज एक ही मंच पर कैसे एकत्र हो गए, लेकिन ऐसे कई विशेष मंच और अवसर होते हैं जहाँ वे अपनी तमाम राजनीतिक सरगर्मियों को पूरी तरह दरकिनार कर देते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों में राजनीति पर चर्चा करने के बजाय केवल कला, चित्रकला, व्यंग्य और संस्कृति जैसे सकारात्मक विषयों पर ही संवाद किया जाता है।