Maharaja Ajj Sarovar Kharar: खरड़ के ऐतिहासिक महाराजा अज्ज सरोवर के लिए 93.94 करोड़ मंजूर, स्वदेश दर्शन योजना के तहत होगा कायाकल्प
पंजाब के खरड़ स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण महाराजा अज्ज सरोवर के पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है।
केंद्र सरकार ने स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत सरोवर के समग्र कायाकल्प के लिए 93.94 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
लगभग 133 कनाल के विशाल भूभाग में फैला यह प्राचीन सरोवर चंडीगढ़-खरड़ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-21) के बिल्कुल किनारे स्थित है। इस वृहद परियोजना के क्रियान्वयन का जिम्मा पंजाब पर्यटन विभाग को सौंपा गया है। केंद्र सरकार से औपचारिक प्रशासनिक स्वीकृति मिलते ही निविदा (टेंडर) प्रक्रिया शुरू की जाएगी और स्वीकृत धनराशि चरणबद्ध तरीके से पंजाब सरकार को जारी होगी।
🏹 धनुष-बाण के आकार में संवरेगा ऐतिहासिक सरोवर: कजौली पाइपलाइन से अतिरिक्त पानी की होगी आपूर्ति
परियोजना की तकनीकी रूपरेखा और जलापूर्ति व्यवस्था का विवरण:
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उच्चस्तरीय समिति की मुहर: जुलाई माह से शुरू हुई तीन चरणों की गहन तकनीकी समीक्षा के बाद 15 सितंबर को केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस परियोजना को मंजूरी दी गई।
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धनुष-बाण डिजाइन: प्रस्ताव के अनुसार सरोवर के मुख्य स्वरूप को भगवान श्रीराम के प्रतीक धनुष-बाण के भव्य आकार में विकसित और सुसज्जित किया जाएगा।
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जलापूर्ति का स्थायी प्रबंध: सरोवर के अस्तित्व और सुंदरता को बनाए रखने के लिए पानी की सतत उपलब्धता पर विशेष फोकस रहेगा। इसके लिए सर्दियों व कम मांग वाले दिनों में भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) की कजौली पाइपलाइन से अतिरिक्त जल सरोवर तक पहुंचाने का प्रावधान किया गया है।
📜 भगवान श्रीराम के दादा महाराजा अज्ज से जुड़ी है धरोहर: हिंदू, बौद्ध और जैन संस्कृति के मिले हैं अवशेष
सरोवर की ऐतिहासिक और पुरातात्विक पृष्ठभूमि:
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पौराणिक संबंध: धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार इस पावन सरोवर का ऐतिहासिक संबंध भगवान श्रीराम के दादा महाराजा अज्ज से माना जाता है।
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साझा विरासत के प्रमाण: ब्रिटिश हुकूमत के दौर में हुई पुरातात्विक खुदाइयों के दौरान यहां हिंदू, बौद्ध और जैन धर्म से संबंधित प्राचीन अवशेष और कलाकृतियां प्राप्त हुई थीं।
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ब्रिटिश काल से संरक्षण: सरकारी अभिलेखों के अनुसार तत्कालीन ब्रिटिश प्रशासन ने इस ऐतिहासिक धरोहर की महत्ता को देखते हुए वर्ष 1891, 1896 और 1926 में इसके संरक्षण के विशेष आदेश जारी किए थे।
💐 श्री राम मंदिर अज्ज सरोवर विकास समिति ने सांसद सतनाम सिंह संधू का किया अभिनंदन
चार दशकों के संघर्ष और सम्मान समारोह का ब्योरा:
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सांसद का सम्मान: केंद्र से परियोजना स्वीकृत होने के उपलक्ष्य में श्री राम मंदिर अज्ज सरोवर विकास समिति ने राज्यसभा सदस्य सतनाम सिंह संधू के विशेष प्रयासों के लिए उनका अभिनंदन किया।
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40 वर्षों का सतत प्रयास: समिति के अध्यक्ष शशि पाल जैन ने बताया कि इस धरोहर के संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए स्थानीय स्तर पर पिछले लगभग चार दशकों से लगातार प्रयास किए जा रहे थे।
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सामुदायिक योगदान: स्थानीय नागरिकों और संगत के सहयोग से पहले भी सरोवर के घाटों की मरम्मत और बुनियादी नागरिक सुविधाओं का विकास किया जाता रहा है।
💼 पर्यटन और स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा: खरड़ के सर्वांगीण विकास पर दिया जोर
सांसद सतनाम संधू का संबोधन और भविष्य की योजनाएं:
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विरासत से रोजगार: राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू ने कहा कि सरोवर का पुनर्विकास पंजाब की साझा सांस्कृतिक विरासत को संजोने के साथ-साथ खरड़ में पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को पंख लगाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।
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नेतृत्व का आभार: उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक विरासत को दी जा रही प्राथमिकता का उल्लेख करते हुए केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का विशेष धन्यवाद किया।
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मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान: संधू ने जोर देकर कहा कि इस बड़े प्रोजेक्ट के साथ-साथ खरड़ शहर की पेयजल, सीवरेज नेटवर्क और सड़क कनेक्टिविटी जैसी जरूरी बुनियादी समस्याओं पर भी तेजी से काम किया जाएगा।
👥 कार्यक्रम में कई गणमान्य नागरिक और भाजपा नेता रहे मौजूद
समारोह में उपस्थित प्रमुख हस्तियों का विवरण:
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समिति के पदाधिकारी: सम्मान कार्यक्रम में विकास समिति के अध्यक्ष शशि पाल जैन, महासचिव देवेंद्र गुप्ता, कार्यकारी सदस्य जसपाल धीमान, अशोक शर्मा और अमरीश शुक्ला प्रमुख रूप से शामिल हुए।
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भाजपा प्रतिनिधि: भारतीय जनता पार्टी की ओर से सर्कल अध्यक्ष राकेश गुप्ता, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नरिंदर राणा, प्रवेश भारती, राम गोपाल और आशु पुरी ने सहभागिता की।
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सामाजिक संगठनों का समर्थन: अग्रवाल सभा की तरफ से रविकांत गुप्ता, अनिल कंसल सहित शहर के कई प्रबुद्ध नागरिक और संगत के सदस्य उपस्थित रहे।