Ludhiana Diwali News: जिला प्रशासन की पारदर्शिता के बीच 95 दुकानदारों को मिला पटाखा बेचने का अधिकार, जान-पहचान और नियम
लुधियाना: रोशनी के महापर्व दिवाली से ठीक पहले पंजाब के लुधियाना जिले में पटाखा कारोबारियों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। विभिन्न अदालती और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद, जिला प्रशासन तथा पुलिस कमिश्नरेट की संयुक्त देखरेख में बचत भवन के भीतर पूरी पारदर्शिता और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच लकी ड्रा की प्रक्रिया संपन्न कराई गई। इस ड्रा के माध्यम से शहर के कुल 6 चिन्हित स्थानों पर 95 भाग्यशाली दुकानदारों को अस्थायी दुकानें आवंटित की गई हैं, जिसके बाद अब सोमवार से तयशुदा खुले मैदानों में भव्य पटाखा मंडियां सजनी शुरू हो जाएंगी।
ए.डी.सी.पी. और ए.सी.पी. की मौजूदगी में हुई ड्रा की पूरी प्रक्रिया, कारोबारियों के सवालों का दिया गया संतोषजनक जवाब
इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ए.डी.सी.पी. वैभव सहगल और ए.सी.पी. गुरइकबाल सिंह की संयुक्त अगुवाई में प्रशासनिक अधिकारियों का दल बचत भवन पहुँचा था। कड़ी सुरक्षा के बीच एक बड़े बॉक्स में सभी योग्य आवेदकों के नामों की पर्चियां डाली गईं, और एक-एक पर्ची निकालकर चयनित दुकानदारों के नाम, पते तथा लाइसेंस नंबर दर्ज कर आधिकारिक सूची तैयार की गई। ड्रा के दौरान जिन कुछ आवेदकों के नाम नहीं निकल पाए, उन्होंने आवंटन के आधार पर सवाल उठाए, जिस पर ए.सी.पी. गुरइकबाल सिंह ने खुद आगे आकर कारोबारियों को पूरी रैंडम ड्रा प्रणाली की पारदर्शिता विस्तार से समझाई और उनकी शंकाओं का समाधान किया।
शहर के 6 सुरक्षित और खुले मैदानों में कुल 95 दुकानों का हुआ आवंटन, दाना मंडी में लगी सबसे अधिक स्टॉल
सुरक्षा के कड़े मानकों और अग्निशमन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने शहर के केवल 6 चुनिंदा खुले मैदानों में ही दुकानें लगाने की अनुमति दी है, जिनका विवरण इस प्रकार है:
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दाना मंडी (जालंधर बाईपास): 40 दुकानें (शहर में सर्वाधिक आवंटन)
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वर्धमान ग्राउंड (चंडीगढ़ रोड): 25 दुकानें
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हैबोवाल ग्राउंड: 13 दुकानें
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मॉडल टाउन एक्सटेंशन: 7 दुकानें
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दुगरी ग्राउंड: 6 दुकानें
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लोधी क्लब रोड: 4 दुकानें
1956 कुल आवेदनों में से कमियों के कारण 40 फॉर्म हुए रद्द, 1916 वैध आवेदकों ने लकी ड्रा में लिया हिस्सा
इस वर्ष अस्थायी पटाखा लाइसेंस प्राप्त करने के लिए रिकॉर्ड 1956 व्यापारियों ने अपने आवेदन जमा करवाए थे, जिसके लिए प्रति आवेदन 4500 रुपये की सरकारी फीस तय की गई थी। दस्तावेजों और पुलिस वेरिफिकेशन की गहन जांच-पड़ताल के बाद विभिन्न कमियों के चलते 40 फॉर्म रद्द कर दिए गए, जबकि शेष 1916 वैध आवेदकों को आज की इस लकी ड्रा प्रक्रिया में शामिल किया गया था।
प्रशासन के सख्त निर्देश: सुबह 10 से शाम 7:30 तक ही होगी बिक्री, केवल ग्रीन पटाखे बेचने की होगी अनुमति
चयनित दुकानदारों के लिए जिला प्रशासन की तरफ से बेहद सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। मंडियों में पटाखों की बिक्री का समय सुबह 10:00 बजे से शाम 7:30 बजे तक ही निर्धारित किया गया है। प्रतिबंधित रसायनों और अधिक ध्वनि वाले पटाखों या लड़ियों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा; केवल अधिकृत ग्रीन पटाखों की बिक्री ही मान्य होगी। इसके अलावा, प्रत्येक स्टॉल पर अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर), पानी और रेत से भरी बाल्टियां रखना अनिवार्य किया गया है। प्रशासन ने कड़ी चेतावनी दी है कि तय 6 स्थानों के अलावा यदि कोई भी व्यक्ति शहर के किसी अन्य हिस्से, बाजार या रिहायशी क्षेत्र में अवैध रूप से पटाखे बेचते या निर्धारित समय के बाद दुकान खोले हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।