Lonavala Murder Case: केतन अग्रवाल मर्डर मिस्ट्री में नया मोड़, मंगेतर सिया गोयल ने पॉलीग्राफी टेस्ट के लिए दी सहमति
पुणे के लोहागढ़ किले में हुई 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में जांच लगातार तेज होती जा रही है। आरोपी मंगेतर सिया गोयल ने अब पुलिस के समक्ष पॉलीग्राफी टेस्ट के लिए लिखित सहमति दे दी है। पुलिस को संदेह है कि सिया अपने बयानों को लगातार बदल रही है, जिसे वैज्ञानिक तरीके से परखने के लिए यह टेस्ट अनिवार्य हो गया है। केतन की मंगेतर और उसके प्रेमी चेतन चौधरी की साजिश ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।
📱 डिजिटल साक्ष्यों से छेड़छाड़ का शक
पुलिस की जांच का एक बड़ा केंद्र केतन का मोबाइल फोन है। केतन को पहाड़ी से धकेलने के बाद उसका फोन काफी समय तक सिया के पास रहा था। पुलिस इस बात की फॉरेंसिक जांच कर रही है कि क्या सिया ने फोन सौंपने से पहले उससे चैट, कॉल रिकॉर्ड्स या फोटो जैसे अहम सबूत डिलीट किए थे? डेटा रिकवरी के लिए फोन को फॉरेंसिक लैब भेजा गया है, जो इस मर्डर मिस्ट्री की एक बड़ी कड़ी साबित हो सकता है।
💔 17 करोड़ की शाही शादी और मौत का खौफनाक जाल
केतन अग्रवाल और सिया गोयल की शादी नवंबर 2026 में होने वाली थी, जिसके लिए जयपुर में 17 करोड़ रुपये का महल बुक किया गया था। लेकिन केतन को सिया और चेतन चौधरी के अवैध अफेयर की भनक लग गई थी। केतन ने पिता से सिया का बैकग्राउंड चेक करने तक को कह दिया था। इस सच के उजागर होने के डर से आरोपियों ने 18 जून को सरप्राइज ट्रेकिंग के बहाने केतन को बुलाकर उसे मौत के घाट उतार दिया।
🧪 क्राइम सीन री-क्रिएशन के बाद अब ‘गेट एनालिसिस’
पुलिस केस को मजबूत करने के लिए वैज्ञानिक साक्ष्यों पर जोर दे रही है। पहले क्राइम सीन का नाट्य रूपांतरण (Re-creation) किया गया, और अब आरोपियों का ‘गेट एनालिसिस’ (चाल-ढाल का वैज्ञानिक अध्ययन) कराने की तैयारी है। बचाव पक्ष का दावा है कि सीसीटीवी में दिख रहा संदिग्ध चेतन चौधरी नहीं है, जिसे गलत साबित करने के लिए पुलिस इस टेस्ट का सहारा ले रही है। फिलहाल दोनों आरोपी 3 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर हैं और पुलिस उनसे कड़ी पूछताछ कर रही है।