Lady Cop Sonali: सुरों से ट्रैफिक कंट्रोल और जज्बे से बचाई जान, महिला पुलिसकर्मी सोनाली ने पेश की मिसाल
इंदौर: आमतौर पर लोग अपनी सरकारी नौकरी को आजीविका का सुरक्षित साधन मानते हैं. लेकिन इंदौर में ट्रैफिक आरक्षक और सिंगिंग कॉप सोनाली सोनी ने अपनी जॉब को अपने सिंगिंग का शौक पूरा करने के साथ समाज सेवा का जरिया बना रखा है. इसी जज्बे के चलते हाल ही में सोनाली ने रोड एक्सीडेंट में गंभीर रूप से घायल एक एयर होस्टेस की समय पर अस्पताल ले जाकर जान बचा ली. जिसके कारण सोनाली और सूबेदार लक्ष्मी को पुरस्कृत किया जाएगा.
सिंगिंग से ट्रैफिक कंट्रोल करती हैं सोनाली
‘किसी राह पर किसी मोड़ पर, कहीं चल ना देना सिग्नल तोड़कर, मेरे भाइयों मेरी बहनों’ के गाने से चर्चा में आई इंदौर की ट्रैफिक आरक्षक और सिंगिंग कॉप सोनाली सोनी अब ड्यूटी के दौरान गंभीर रूप से घायल एक एयर होस्टेस का कोर्स कर रही छात्रा की जान बचाने को लेकर चर्चा में हैं. घटना 18 फरवरी की है, जब इंदौर के पलासिया चौराहे पर एक छात्रा को सड़क पार करते समय एक टू व्हीलर ने इतनी जोरदार टक्कर मारी. जिससे सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण लहूलुहान होकर वही गिर पड़ी.
मदद की बजाय वीडियो बना रहे थे लोग
यहां ट्राफिक पॉइंट पर ड्यूटी दे रही आरक्षक सोनाली सोनी और सूबेदार लक्ष्मी ने लोगों को घायल की मदद करने के बजाय वीडियो बनाते देखा तो वे दोनों उसकी जान बचाने के लिए दौड़ पड़ी. ट्रैफिक आरक्षक सोनाली ने बिना देर किए किराए के ऑटो से उसे अस्पताल ले जाने का फैसला किया. इसके बाद दोनों छात्रा को किसी तरह सड़क से उठाकर उसकी जान बचाने के लिए शहर के गीता भवन अस्पताल ले जाने के लिए निकली. लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने पुलिस केस बताकर घायल का इलाज करने से इनकार कर दिया.
अस्पताल ने नहीं किया भर्ती, एंबुलेंस देने से इंकार
महिला आरक्षकों ने डॉक्टर को खुद पुलिसकर्मी होने के साथ अपनी वर्दी का हवाला दिया. लेकिन वहां मौजूद डॉक्टर भंडारी ने बिना एफआईआर के न तो मरीज को हाथ लगाया न ही महिला आरक्षकों की कोई मदद की. इसके बाद घायल युवती की सांस थमते देख उन्होंने अस्पताल से एंबुलेंस की मांग की. लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने एंबुलेंस उपलब्ध कराने से भी इनकार कर दिया. इसके बाद तत्काल दोनों ने फिर एक ऑटो रिक्शा किया और घायल को लेकर एमवाय अस्पताल पहुंची तब तक घायल युवती बेहोशी की हालत में पहुंच गई थी.
घायल छात्रा की सांस उखड़ने लगी थी, लेकिन समय रहते महाराजा यशवंतराव अस्पताल की इमरजेंसी के डॉक्टरों ने इलाज शुरू करके किसी तरह घायल एयर होस्टेस की जान बचा ली. इस दौरान पता चला कि एयर होस्टेस इंदौर में अपने छोटे भाई के साथ खजुराहो के एक एनजीओ के परिसर में रहती है. इसके माता-पिता भी नहीं हैं, ऐसी स्थिति में सोनाली ने परिजन के बारे में पता करके उन्हें फोन पर सूचना दी. साथ ही इलाज के दौरान बीते 3 दिन से अस्पताल में भर्ती छात्रा की समय-समय पर देखभाल भी कर रही हैं.
सोनाली सोनी और सूबेदार लक्ष्मी का होगा सम्मान
सिंगिंग कॉप के रूप में चर्चित आरक्षक सोनाली के जज्बे की खबर जब सार्वजनिक हुई तो कई जन संगठनों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने इस जज्बे का सम्मान करते हुए उसे पुरस्कृत करने का फैसला किया है. घायल छात्रा के इलाज से इनकार करने वाले गीता भवन अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ की भी जिले के स्वास्थ्य विभाग को शिकायत की गई है. जिसके बाद गीता भवन अस्पताल को नोटिस भी जारी किया गया है.
सिंगिंग कॉप सोनाली सोनी का कहना है कि, ”सड़क हादसे में एक छात्रा घायल हो गई थी. जिसको अस्पताल पहुंचाकर हमने जान बचाई है. पहले हम गीता भवन अस्पताल लेकर गए थे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने पुलिस केस बताकर घायल छात्रा को भर्ती करने से मना कर दिया.” जब उनसे सिंगिंग से ट्रैफिक कंट्रोल करने के बारे में पूछा गया तो उनका कहना है, म्यूजिक लोगों के दिलों तक जाता है. इसलिए मेरी कोशिश रहती है, लोग ट्रैफिक रूल्स को समझें और उनका पालन करें.”

गीता भवन अस्पताल की सीएम से शिकायत
वरिष्ठ कांग्रेस नेता राकेश सिंह यादव ने सोनाली और सूबेदार लक्ष्मी की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा जब लोग वीडियो बना रहे थे, तब दोनों ने इंसानियत की मिसाल कायम करते हुए घायल छात्रा को अस्पताल पहुंचाकर नेक काम किया है. इसके लिए हमनें उन्हें 5-5 हजार रुपए का इनाम दिया है. साथ ही उन्होंने गीता भवन अस्पताल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि, अस्पताल ने बेहद गैरजिम्मेदाराना व्यवहार किया है. इसकी शिकायत हमने CMHO और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से की है. ऐसे अस्पताल और भर्ती करने से मना करने वाले डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए. हमने CMHO और कलेक्टर से यह भी निवेदन किया है कि सभी अस्पतालों में नोटिस लगाना चाहिए की किसी भी घायल मरीज को अस्पताल भर्ती करने से मना नहीं करेगा.”
