Jharkhand Rajya Sabha Election: राज्यसभा चुनाव हारने के बाद महागठबंधन में तकरार; इरफान अंसारी के बयान पर घमासान
रांची: राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा की हार के बाद झारखंड की राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। चुनाव नतीजों के बाद कांग्रेस, झामुमो और सीपीआई माले के बीच मनमुटाव की खबरें सामने आई हैं। जहाँ एक ओर सीपीआई माले ने कांग्रेस प्रभारी से माफी की मांग की है, वहीं दूसरी ओर गठबंधन के नेता अब डैमेज कंट्रोल में जुटे हैं।
🤝 ‘हमारी लड़ाई भाजपा से है, सहयोगियों से नहीं’: इरफान अंसारी
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने गठबंधन में ‘बड़े भाई’ की भूमिका निभाते हुए कहा कि कांग्रेस अपने सहयोगियों की गलतियों को माफ करने को तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मुख्य लड़ाई भारतीय जनता पार्टी से है। हालांकि, जब उनसे हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया, जिससे राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
🗣️ बयानों पर विभिन्न दलों की प्रतिक्रिया
-
झामुमो (मनोज पांडेय): झामुमो प्रवक्ता ने इरफान अंसारी के बयानों को गंभीरता से न लेने की सलाह दी और कहा कि यह क्षणिक मनमुटाव है, जो जल्द ही सुलझ जाएगा।
-
भाजपा (सीपी सिंह): भाजपा विधायक ने गठबंधन सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि ये लोग छह वर्षों से सत्ता का आनंद ले रहे हैं और अब एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर अपनी नाकामी छुपाने की कोशिश कर रहे हैं।
-
कांग्रेस (केशव महतो कमलेश): प्रदेश अध्यक्ष ने गठबंधन की एकता पर जोर देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह एकजुट है और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की छवि स्वच्छ और ईमानदार है।
📉 क्या थमेगा गठबंधन का घमासान?
राज्यसभा चुनाव की हार ने झारखंड महागठबंधन की एकजुटता की परीक्षा ली है। जहाँ कांग्रेस अपने प्रभारी का बचाव कर रही है, वहीं सहयोगी दल इसे चुनाव प्रबंधन की विफलता बता रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह तल्खी गठबंधन को कमजोर करेगी या आपसी सहमति से इसे समाप्त कर लिया जाएगा।