Jharkhand Medicine Strike: झारखंड में 18 हजार से ज्यादा दवा दुकानें बंद; ऑनलाइन फार्मेसी और डीप डिस्काउंटिंग का विरोध

रांची: ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स और झारखंड केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन (JCDA) के संयुक्त आह्वान पर बुधवार को झारखंड के चिकित्सा क्षेत्र में बड़ा असर देखा गया। अपनी विभिन्न नीतिगत मांगों को लेकर राज्य की 18 हजार से ज्यादा थोक और खुदरा दवा दुकानें पूरी तरह से बंद रहीं। इस बेमियादी और रणनीतिक हड़ताल के कारण आम मरीजों को सुबह से ही दवाइयां खरीदने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि, मानवीय संवेदनाओं और आपातकालीन स्थितियों को ध्यान में रखते हुए एसोसिएशन ने झारखंड के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों (हॉस्पिटल्स) के भीतर संचालित होने वाली फार्मेसी दुकानों को इस बंद से पूरी तरह मुक्त रखा है, जिससे गंभीर मरीजों को राहत मिली।

📋 मुख्य रूप से तीन मांगों को लेकर दवा दुकानदारों की राष्ट्रव्यापी बंदी: जेसीडीए (JCDA) ने बंद को बताया पूरी तरह सफल

इस बड़े आंदोलन के संबंध में झारखंड ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश कार्यालय सचिव संजीव बनर्जी ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यतः तीन सूत्रीय मांगों को लेकर आज देश भर के दवा दुकानदारों की यह राष्ट्रव्यापी बंदी आयोजित की गई है। झारखंड में इस बंद का व्यापक असर देखा गया है और यह पूरी तरह सफल है। उन्होंने बताया कि इस आंदोलन का मुख्य और प्राथमिक उद्देश्य ऑनलाइन फार्मेसी (E-Pharmacy) के अनियंत्रित डिजिटल विस्तार को रोकना और बड़े कॉरपोरेट घरानों की कथित शोषणकारी व एकाधिकारवादी मूल्य निर्धारण नीति (Pricing Policy) के खिलाफ सरकार तक अपनी मजबूत आवाज पहुंचाना है।

📱 एआई (AI) आधारित फर्जी प्रिस्क्रिप्शन और एंटीबायोटिक दवाओं का दुरुपयोग बढ़ा: कोरोना काल की व्यवस्था पर उठाए सवाल

संजीव बनर्जी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर चर्चा करते हुए कहा कि कोरोना महामारी के संकट काल में दवाओं को मरीजों के घर-घर तक पहुंचाने (होम डिलीवरी) का निर्देश केंद्र सरकार द्वारा दिया गया था। उस वक्त के असाधारण हालात और जनहित को देखते हुए केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने सरकार के उस आपातकालीन निर्णय का स्वागत किया था। लेकिन विडंबना यह है कि महामारी खत्म होने के बाद भी वही अस्थायी व्यवस्था आज भी धड़ल्ले से चली आ रही है, जिसके तहत तकनीकी स्तर पर कई तरह की गंभीर गड़बड़ियां हो रही हैं। आज कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना किसी पर्याप्त भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के धड़ल्ले से एलोपैथिक दवाइयों की बिक्री कर रहे हैं, जिससे एक ही डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन का बार-बार उपयोग कर दवाएं मंगाई जा रही हैं। इतना ही नहीं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित फर्जी प्रिस्क्रिप्शन के जरिए एंटीबायोटिक और अत्यधिक नशीली दवाओं की अवैध उपलब्धता बाजार में बढ़ रही है, जिससे देश में एंटी माइक्रोबियल रेसिस्टेंस (AMR) का खतरा खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है।

💰 कॉरपोरेट घरानों की “डीप डिस्काउंटिंग” नीति से छोटे केमिस्टों का अस्तित्व संकट में: बाजार संतुलन बिगाड़ने का आरोप

इसके अलावा, एसोसिएशन ने बड़े कॉरपोरेट घरानों और टेक कंपनियों द्वारा अपनाई जा रही “डीप डिस्काउंटिंग” (अत्यधिक छूट) की व्यापारिक नीति का भी कड़ा विरोध किया है। संजीव बनर्जी ने कहा कि भारत में आवश्यक और जीवनरक्षक दवाओं की कीमतें पहले से ही नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) द्वारा पूरी तरह नियंत्रित और फिक्स हैं। इसके बावजूद कॉरपोरेट कंपनियां पूंजी के बल पर बाजार में अनुचित और अनैतिक प्रतिस्पर्धा पैदा कर रही हैं। इस घाटे के सौदे वाले व्यापार मॉडल (Loss Leader Model) के कारण छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों के पारंपरिक केमिस्टों का आर्थिक अस्तित्व पूरी तरह से संकट में पड़ गया है, जिससे लाखों परिवारों के रोजगार पर तलवार लटक गई है।

⚖️ ऑनलाइन दवा बेचने का अधिकार देने वाले कानून ‘GSR 220 E’ को तुरंत रद्द करे सरकार: नकली दवाओं की सप्लाई का खतरा

एसोसिएशन के शीर्ष नेताओं ने एकजुट होकर केंद्र सरकार से मांग की है कि राजपत्र अधिसूचना GSR 220 E, जो ऑनलाइन कंपनियों को इंटरनेट पर दवा बेचने का कानूनी अधिकार देती है, उसे तत्काल प्रभाव से रद्द या संशोधित किया जाए। केमिस्टों का दावा है कि इस ऑनलाइन रूट के कारण बाजार में बड़े पैमाने पर नकली, एक्सपायर्ड और घटिया दर्जे की दवाएं भी चुपके से जनता के बीच खपाई जा रही हैं, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन के साथ खिलवाड़ हो रहा है। आज राजधानी रांची सहित धनबाद, जमशेदपुर और बोकारो जैसे राज्यभर के सभी प्रमुख शहरों में अधिकांश थोक और खुदरा दवा काउंटर्स पर ताले लटके रहे, जिसके चलते जरूरत पड़ने पर आम लोग केवल अस्पतालों के भीतर स्थित इन-हाउस दवा दुकानों से ही कतारों में लगकर दवा लेने को मजबूर दिखे।

क्या धारावी की जमीन के मालिक बन जाएंगे अडानी, जानिए असल कहानी?     |     EVM के इस्तेमाल की जिद क्यों? एलन मस्क की टिप्पणी के बाद अखिलेश यादव का सवाल     |     इंस्टा पर दोस्ती, होटल ले जाकर दोस्तों ने किया गंदा काम… सुसाइड से पहले युवक बता गया दर्द भरी दास्तां     |     तांत्रिक ने बीमारी ठीक करने का झांसा देकर महिला से किया दुष्कर्म     |     T20 World Cup: पाकिस्तान के बाहर होने पर सिद्धू ने खोली ICC की पोल, गावस्कर ने भी की खिंचाई     |     संसद में अब 2014 और 2019 वाली स्थिति नहीं…कभी भी गिर सकती है सरकार, स्पीकर पद को लेकर संजय राउत का बड़ा बयान     |     आयकर में दान पर टैक्स छूट के लिए फार्म 10बीई जरूर लें करदाता     |     राहुल गांधी ने छोड़ी वायनाड सीट तो प्रियंका गांधी होंगी उम्मीदवार! अगले तीन दिन में होगा फैसला     |     कोटा कोचिंग सेंटर में IIT की तैयारी करने वाले छात्र ने किया सुसाइड     |     उज्जैन से पीएमश्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा शुरू, CM मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी     |     Punjabi Singer Khan Saab Injured: पंजाबी सिंगर खान साब शूटिंग के दौरान हुए हादसे का शिकार; सिर पर आई गंभीर चोट     |     Bahadurgarh PM Shri School: प्राइवेट स्कूलों पर भारी पड़ा बहादुरगढ़ का सरकारी स्कूल; 12वीं में 50 बच्चों ने हासिल की मेरिट     |     Yamunanagar Court Decision: यमुनानगर में 3 साल की बेटी की हत्यारी मां को उम्रकैद; जज डॉ. सुखदा प्रीतम का बड़ा फैसला     |     Kurukshetra Student Death in Canada: कुरुक्षेत्र के छात्र वीरेन रंगा की कनाडा में संदेहास्पद मौत; कमरे में मिला शव     |     Haryana Education Department: हरियाणा में सरकारी शिक्षकों-कर्मचारियों को झटका; 22 मई तक प्रॉपर्टी रिटर्न नहीं भरा तो रुकेगी सैलरी     |     Sonipat Civil Hospital: सोनीपत सिविल अस्पताल में अव्यवस्था; भीषण गर्मी में बंद मिले OPD के पंखे, तड़पते रहे मरीज     |     Bittu Barona Case: गैंगस्टर बिट्टू बरोना की मौत के बाद सोनीपत पुलिस अलर्ट; भाई दिनेश ने की हमलावरों पर सख्त कार्रवाई की मांग     |     Haryana Weather Alert: हरियाणा में गर्मी से हाहाकार, रोहतक में पारा 46.9 डिग्री पार; मौसम विभाग का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी     |     Palwal Crime News: पलवल में सोशल मीडिया एक्टिविस्ट सिकंदर डागर पर जानलेवा हमला; हथौड़े और डंडों से बेरहमी से पीटा     |     Anil Vij Style: कर्मचारियों के प्रदर्शन स्थल पर खुद ज्ञापन लेने पहुंचे ऊर्जा मंत्री अनिल विज; हैरान रह गए हजारों बिजली कर्मी     |    

Pradesh Samna
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए सम्पर्क करें