High Court Verdict: बुजुर्ग मां से अलग रहने का दबाव और मारपीट, फैमिली कोर्ट का फैसला पलटकर HC ने दी डिवोर्स की मंजूरी
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वैवाहिक विवाद से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए पति को तलाक की अनुमति दे दी है। अदालत ने सुनवाई के दौरान पति द्वारा पत्नी पर लगाए गए आरोपों को सही पाया, जिसमें लगातार अपमान करना, मारपीट करना, पति के चरित्र पर संदेह जताना और बुजुर्ग मां से अलग रहने का दबाव बनाना शामिल था। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने इन सभी परिस्थितियों के संयुक्त प्रभाव को ‘मानक मानसिक क्रूरता’ मानते हुए जगदलपुर फैमिली कोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें तलाक की याचिका खारिज कर दी गई थी।
🏛️ जगदलपुर के दंपती का मामला: कम कमाई ताने और प्रताड़ना से तंग आकर पति ने खटखटाया था हाईकोर्ट
यह पूरा मामला बस्तर जिले के जगdalpur निवासी मित्तेश पणिग्राही और उनकी पत्नी वेदवती उर्फ ममता से जुड़ा है। दोनों का विवाह जून 2017 में हुआ था। पति का आरोप था कि कम कमाई को लेकर पत्नी उसे ‘भिखारी’ और ‘हैसियतहीन’ कहकर अपमानित करती थी, जिससे उसका बिजनेस तक ठप हो गया। वहीं, पत्नी ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और दहेज के आरोप लगाए थे। मामले की लंबी सुनवाई के बाद जस्टिस पीपी साहू और जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की डिवीजन बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न ऐतिहासिक फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि लगातार बना तनाव और गंभीर अविश्वास वैवाहिक जीवन को असहनीय बना देता है।