Haryana Industrial Investment: जापान और सिंगापुर के बाद दक्षिण कोरिया पर फोकस, हरियाणा सरकार का बड़ा प्रतिनिधिमंडल 19 अक्टूबर को करेगा दौरा
हरियाणा में औद्योगिक निवेश को नई गति देने और प्रदेश को वैश्विक कंपनियों के पसंदीदा निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार ने अपने प्रयास और तेज कर दिए हैं। जापान से 3900 करोड़ रुपये और सिंगापुर से 5500 करोड़ रुपये के शानदार निवेश समझौतों के बाद अब सरकार की पूरी निगाह दक्षिण कोरिया की दिग्गज कंपनियों पर टिकी है। इसी कड़ी में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह के नेतृत्व में हरियाणा के वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम आगामी 19 से 22 अक्टूबर तक रिपब्लिक ऑफ कोरिया के आधिकारिक दौरे पर जाएगी। इस दौरान कोरियाई निवेशकों के साथ संवाद कर हरियाणा में औद्योगिक निवेश की नई संभावनाओं को तलाशा जाएगा।
🎯 जमीन पर निवेश उतारना और रोजगार बढ़ाना सरकार का मुख्य लक्ष्य
प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य विदेशी निवेश को केवल कागजी समझौतों और घोषणाओं तक सीमित रखने के बजाय उसे धरातल पर उतारना है। सरकार चाहती है कि इसके जरिए नए औद्योगिक प्रतिष्ठानों की स्थापना हो, मौजूदा उद्योगों का विस्तार हो और हरियाणा के युवाओं के लिए रोजगार के नए और सुनहरे अवसर पैदा किए जा सकें। कोरिया दौरे को इसी रणनीति का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
दक्षिण कोरिया इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, मशीनरी, इंजीनियरिंग और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसेक्टर्स में अपनी मजबूत वैश्विक पहचान रखता है, ऐसे में कोरियाई कंपनियों का सहयोग हरियाणा के औद्योगिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।
🤝 सीएम नायब सैनी का विजन: निवेश के साथ स्थानीय युवाओं को मिले रोजगार
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की स्पष्ट प्राथमिकता है कि हरियाणा में आने वाले निवेश का सीधा लाभ प्रदेश की आर्थिकी और यहां के युवाओं तक पहुँचे। सरकार का प्रयास है कि विदेशों में कारोबार कर रहे भारतीय मूल के उद्यमियों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को भी हरियाणा में उद्योग स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जाए।
अपनी बेहतरीन भौगोलिक स्थिति, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) से शानदार कनेक्टिविटी और विकसित औद्योगिक बुनियादी ढांचे के बल पर हरियाणा वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने में लगातार सफल हो रहा है। जापान और सिंगापुर के बाद दक्षिण कोरिया के साथ होने वाली यह पहल प्रदेश के विनिर्माण क्षेत्र को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।