हरियाणा के कर्मचारियों-पेंशनरों की मौज! अब पंजाब के इन 4 बड़े अस्पतालों में होगा ‘फ्री’ इलाज; सरकार ने दी कैशलेस सुविधा की सौगात
चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के मोर्चे पर एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने घोषणा की है कि अब हरियाणा के कर्मचारी और पेंशनभोगी पंजाब के चार बड़े और प्रतिष्ठित विशेषज्ञ अस्पतालों में अपनी गंभीर बीमारियों का उपचार करा सकेंगे।
राज्य सरकार के इस कदम से न केवल मरीजों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि उन्हें इलाज के लिए अब दिल्ली या मुंबई जैसे दूरदराज के शहरों की दौड़ भी नहीं लगानी पड़ेगी।
इन 4 बड़े अस्पतालों से मिला हाथ
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार, अब निम्नलिखित अस्पतालों में हरियाणा के लाभार्थियों को पैनल पर उपचार की सुविधा मिलेगी
- होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, मुल्लांपुर (न्यू चंडीगढ़): यह टाटा मेमोरियल सेंटर, मुंबई की ही एक आधुनिक इकाई है।
- होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल, संगरूर: यह भी टाटा मेमोरियल सेंटर द्वारा संचालित है, जो कैंसर के इलाज का बड़ा केंद्र है।
- रीजनल स्पाइनल इंजरीज सेंटर, सेक्टर 70, मोहाली: यहाँ रीढ़ की हड्डी से जुड़ी गंभीर चोटों और सर्जरी का विशेष उपचार उपलब्ध है।
- पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंस, मोहाली: लिवर और पित्त संबंधी जटिल बीमारियों के लिए यह उत्तर भारत का अग्रणी संस्थान है।
कैंसर और स्पाइन के मरीजों के लिए ‘संजीवनी’
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि इन अस्पतालों का चयन विशेष रूप से उनकी विशेषज्ञता के आधार पर किया गया है। उन्होंने कहा, “कैंसर, रीढ़ की हड्डी की चोट और लिवर से संबंधित बीमारियाँ न केवल जानलेवा हैं, बल्कि इनका इलाज भी बहुत महंगा है। टाटा मेमोरियल जैसी संस्थाओं के साथ जुड़ने से हमारे कर्मचारियों को अब सबसे आधुनिक तकनीक और अनुभवी डॉक्टरों का परामर्श घर के पास ही मिल सकेगा।”
पेंशन भोगियों को मिलेगी बड़ी राहत
इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ उन बुजुर्ग पेंशनभोगियों को होगा, जिन्हें उम्र के इस पड़ाव पर गंभीर बीमारियों के लिए निजी अस्पतालों के महंगे बिलों का सामना करना पड़ता था। सरकार के इस पैनल विस्तार से अब कैशलेस सुविधा के तहत इलाज सुलभ होगा, जिससे आर्थिक बोझ कम होगा।
