Google Earthquake Alert: भूकंप आने से पहले कैसे मिल जाता है अलर्ट? जानें गूगल के इस स्मार्ट सिस्टम का सच टेक्नोलॉजी By Nayan Datt On Jun 25, 2026 नई दिल्ली: हाल ही में वेनेजुएला में आए शक्तिशाली भूकंप के दौरान गूगल के अर्ली वार्निंग सिस्टम ने चर्चा बटोरी है। कई उपयोगकर्ताओं ने बताया कि झटके महसूस होने से कुछ सेकंड पहले ही उन्हें गूगल की ओर से भूकंप का अलर्ट मिल गया था। यह किसी चमत्कार से कम नहीं लगता, लेकिन इसके पीछे एक सरल और प्रभावी वैज्ञानिक तकनीक काम करती है, जो आपके स्मार्टफोन के अंदर ही मौजूद है। 📡 क्या है गूगल का ‘एंड्रॉइड अर्थक्वेक अलर्ट सिस्टम’? गूगल का यह सिस्टम आपके स्मार्टफोन में लगे एक्सेलेरोमीटर (Accelerometer) सेंसर का उपयोग करता है। यह सेंसर फोन की स्क्रीन रोटेशन का पता लगाने के अलावा कंपन (vibrations) को मापने में भी सक्षम है। जब आपका फोन भूकंपीय लहरों जैसे कंपन को महसूस करता है, तो वह गूगल के सर्वर को एक सिग्नल भेजता है। जब एक साथ कई फोन से ऐसे सिग्नल मिलते हैं, तो गूगल का सर्वर भूकंप की पुष्टि कर उस क्षेत्र में अलर्ट जारी कर देता है। 🌍 दुनिया का सबसे बड़ा सिस्मोग्राफ यह भी पढ़ें Hidden Costs of AI: OpenAI और Claude पर हिंदी भाषा का पड़ता… Jun 24, 2026 WhatsApp New Features: व्हाट्सऐप पर जल्द आएंगे ये कमाल के… Jun 23, 2026 गूगल के पास दुनिया भर में 2 अरब से अधिक सक्रिय एंड्रॉइड फोन हैं। ये सभी मिलकर दुनिया का सबसे बड़ा ‘डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्मोग्राफ’ नेटवर्क बनाते हैं। जैसे ही एक स्मार्टफोन कंपन डिटेक्ट करता है, गूगल का सर्वर आसपास के अन्य फोन के डेटा को भी खंगालता है और यदि भूकंप की पुष्टि हो जाती है, तो चंद सेकंड के भीतर प्रभावित क्षेत्र के उपयोगकर्ताओं को अलर्ट भेज दिया जाता है। ⚙️ अपने फोन में ऐसे ऑन करें ‘अर्थक्वेक अलर्ट’ सेटिंग आपकी सुरक्षा के लिए इस सेटिंग को ऑन रखना बेहद जरूरी है: एंड्रॉइड (Android) यूजर्स के लिए: अपने फोन की Settings में जाएं। सर्च बार में ‘Earthquake Alert’ टाइप करें। विकल्प सामने आने पर उसे ऑन (On) कर दें। आईफोन (iPhone) यूजर्स के लिए: Settings में जाकर Notifications पर टैप करें। नीचे की ओर स्क्रॉल करें और ‘Government Alerts’ सेक्शन में जाएं। यहाँ अलर्ट टाइप को ऑन (On) करें। Share