आदिवासी समुदाय के बीच शिक्षा और स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने वाले डा. इंद्रजीत घोष सम्मानित, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में मिला राष्ट्रीय सम्मान
नई दिल्ली, 14 मार्च 2026 : आदिम जनजातीय एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय के बीच शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय और निरंतर कार्य करने वाले झारखंड राज्य के जनपद पाकुड़ शहर के राजापाड़ा विषहरीतल्ला निवासी डॉ. इंद्रजीत घोष को एक गरिमामय समारोह में डॉक्टरेट की मानद उपाधि, जन कल्याण पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह समारोह नर्चर एंड पीस फाउंडेशन द्वारा नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के डिप्टी स्पीकर हॉल में आयोजित किया गया, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए सामाजिक कार्यकर्ताओं, संस्थाओं के प्रतिनिधियों और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही।
समारोह के दौरान पूर्व लोकसभा सांसद सूरज मंडल, मदर ऑर्गेनिक की संस्थापक रीना भाटिया तथा जन कल्याण संस्था की संस्थापक मोनिका अरोड़ा ने डॉ. घोष को सम्मानित करते हुए उनके कार्यों की विस्तार से सराहना की। अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि डॉ. इंद्रजीत घोष ने वर्षों से आदिवासी एवं पहाड़िया क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाकर समाज के वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सराहनीय प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद उनका समर्पण और सेवा भाव उन्हें विशिष्ट बनाता है और समाज के अन्य लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

आपको बता दें कि डॉ. इंद्रजीत घोष ने सम्मान प्राप्त करने के उपरांत अपने संबोधन में नर्चर एंड पीस फाउंडेशन, सभी अतिथियों और सहयोगियों के प्रति हृदय से धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए केवल गौरव का विषय नहीं, बल्कि समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी को और अधिक बढ़ाने वाला है। उन्होंने यह भी कहा कि वह भविष्य में भी आदिवासी एवं जरूरतमंद समुदायों के बीच शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार कार्य करते रहेंगे तथा समाज के सहयोग से ही स्थायी परिवर्तन संभव है।
डॉ. इंद्रजीत घोष एक साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आते हैं और अपनी मेहनत, लगन तथा दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। वह पिछले कई वर्षों से जिले के दूरस्थ गांवों में जाकर बच्चों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करने, अभिभावकों को प्रेरित करने तथा लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देकर बेहतर जीवनशैली अपनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उनके कार्यों का सकारात्मक प्रभाव क्षेत्र में स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है, जहां अब शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है और स्वास्थ्य संबंधी समझ में भी सुधार हुआ है।

इस सम्मान से उनके परिवार, रिश्तेदारों और क्षेत्रवासियों में अत्यंत खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात बताते हुए कहा कि डॉ. घोष का यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि समाज सेवा के क्षेत्र में किए गए कार्यों की भी बड़ी पहचान है। सभी ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और निरंतर समाज सेवा की कामना की।
