Doman Lal Korsewada Funeral: अहिवारा विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा का राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, सीएम विष्णु देव साय ने दिया कंधा
बालोद: छत्तीसगढ़ की राजनीति से एक बेहद दुखद और शोकपूर्ण खबर सामने आ रही है। अहिवारा विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक एवं लोकप्रिय जननेता डोमन लाल कोर्सेवाड़ा का तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद स्थित एक अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया है। उनके पार्थिव शरीर को उनके गृह जिले बालोद लाया गया, जहाँ शनिवार के रोज उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव भेंडरा में संपन्न हुआ। इस अंतिम यात्रा में क्षेत्र के हजारों लोग शामिल हुए। दिवंगत विधायक के अंतिम दर्शन करने और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए स्वयं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ-साथ कई कैबिनेट मंत्री, सांसद और वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस दौरान न केवल अंतिम यात्रा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, बल्कि उनके पार्थिव शरीर को कांधा भी दिया। सीएम साय ने विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा के साथ बिताए गए पुराने पलों को याद करते हुए भावुक होकर कहा कि उनकी मधुर स्मृतियां हमेशा हमारे मन में जीवंत रहेंगी; वे बेहद मिलनसार स्वभाव के धनी थे और हमेशा आम जनता के दिलों में बसने वाले एक सच्चे जनप्रतनिधि थे, जो विधानसभा के भीतर भी जनता से जुड़े हर जरूरी मुद्दों को पूरी मुखरता के साथ उठाया करते थे।
दो बार विधायक चुने गए थे डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, राजनीति को मानते थे जनसेवा का सबसे बड़ा जरिया
दिवंगत भाजपा विधायक के राजनीतिक सफर को याद करते हुए पूर्व विधायक लाभचंद बाफना ने बताया कि डोमन लाल कोर्सेवाड़ा ने अपने कर्मठ कार्यों के दम पर क्षेत्र की आम जनता के बीच एक विशिष्ट और गहरी पहचान बनाई थी। वे अपने विधानसभा क्षेत्र के कोने-कोने में लगातार जनसंपर्क बनाए रखते थे। वर्ष 2008 में जब वे पहली बार विधायक निर्वाचित हुए थे, तब से लेकर अपने जीवन के अंतिम समय तक वे राजनीति में पूरी तरह सक्रिय रहे। वे राजनीति को व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा का साधन न मानकर समाज सेवा का एक माध्यम मानते थे। इसके बाद वर्ष 2023 के विधानसभा चुनावों में जब पार्टी ने उन्हें एक बार फिर से चुनावी मैदान में उतारा, तो उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी जीत दर्ज की। उस चुनाव में कोर्सेवाड़ा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी को 25 हजार 263 मतों के भारी अंतर से पराजित किया था।
शासकीय सेवा से लेकर राजनीति तक का रहा सफर, ‘गुरुजी’ के नाम से जाने जाते थे डोमन लाल कोर्सेवाड़ा
इस संबंध में मीडिया से बातचीत करते हुए कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब ने साझा किया कि 12 अगस्त 1948 को बालोद जिले के ग्राम भेंडरा में जन्मे डोमन लाल कोर्सेवाड़ा ने अपनी उच्च शिक्षा के तहत राजनीति विज्ञान में एमए और बीएड की डिग्री प्राप्त की थी। अपनी प्रारंभिक शिक्षा और शासकीय सेवा में अपनी सेवाएं देने के बाद उन्होंने राजनीति की दुनिया में कदम रखा और अपनी मेहनत के बल पर भाजपा के वरिष्ठ एवं कद्दावर नेताओं में अपनी जगह बनाई। क्षेत्र में उन्हें आदर के साथ ‘गुरुजी’ कहकर पुकारा जाता था। उनकी प्रशासनिक क्षमता को देखते हुए नवंबर 2025 में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा उन्हें अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था, जिसके तहत उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी प्राप्त था।
अंतिम यात्रा में शामिल हुईं प्रदेश की कई दिग्गज राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां, नम आंखों से किया गया विदा
दिवंगत विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा की अंतिम यात्रा और अंत्येष्टि के दौरान पूरा क्षेत्र गमगीन नजर आया। इस दौरान उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए लोकसभा सांसद भोजराज नाग, विधायक ललित चन्द्राकर, सांसद विजय बघेल, पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडे, श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पांडे, मंत्री गजेंद्र यादव, मंत्री दयाल दास बघेल, कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल तथा कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब समेत शासन-प्रशासन के कई बड़े अधिकारी और तमाम राजनीतिक व सामाजिक हस्तियां उपस्थित रहीं, जिन्होंने नम आंखों से अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई दी।