Dewas Fake Marriage: देवास में शादी के नाम पर महाफर्जीवाड़ा; अनाथ लड़कियों का झांसा देकर 42 दूल्हों से ठगे लाखों रुपए
देवास: मध्य प्रदेश के देवास जिले से शादी के नाम पर ठगी और सामूहिक धोखाधड़ी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ अनाथ आश्रम की गरीब लड़कियों से शादी कराने का झांसा देकर शाजापुर, विदिशा, सीहोर और भोपाल सहित कई जिलों के 40 से अधिक (करीब 42) कुंवारे युवकों से लाखों रुपए ऐंठ लिए गए। इस संगठित धोखाधड़ी का भंडाफोड़ रविवार की रात को तब हुआ, जब दिनभर सज-धजकर इंतजार करने के बाद भी विवाह स्थल पर एक भी दुल्हन नहीं पहुंची। इसके बाद ठगी के शिकार हुए दूल्हों और उनके रिश्तेदारों का गुस्सा फूट पड़ा और माताजी टेकरी के नीचे राधागंज स्थित क्लब ग्राउंड पर भारी हंगामा खड़ा हो गया।
मिली जानकारी के मुताबिक, विदिशा जिले के शमशाबाद क्षेत्र के निवासी मुकेशदास बैरागी और उसके सगे भाई दिनेशदास बैरागी ने इस पूरे रैकेट का ताना-बाना बुना था। इन दोनों भाइयों ने अलग-अलग जिलों के सीधे-साधे युवकों को अनाथ लड़कियों से शादी कराने का लालच दिया और इसके एवज में प्रति युवक 15 हजार से लेकर 25 हजार रुपए तक की रकम एडवांस के तौर पर वसूल कर ली।
👰 माताजी टेकरी पर होना था सामूहिक विवाह: रविवार सुबह से सेहरा बांधकर इंतजार कर रहे थे दूल्हे, रात को घेरे आरोपी
ठगी के शिकार हुए पीड़ितों को आरोपियों द्वारा बकायदा यह बताया गया था कि आगामी 25 मई को देवास की विश्व प्रसिद्ध माताजी टेकरी पर एक भव्य सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित कराया जाएगा, जहाँ सभी की शादियां होंगी। इस झांसे में आकर रविवार सुबह से ही सभी 42 दूल्हे शेरवानी पहनकर और सेहरा बांधकर अपने बूढ़े परिजनों व सगे-संबंधियों के साथ भारी उम्मीद लिए देवास पहुंच गए थे। लेकिन सुबह से दोपहर और फिर देर रात होने तक जब विवाह स्थल पर कोई भी लड़की या आयोजक मंडल का अता-पता नहीं चला, तो दूल्हों के पैरों तले जमीन खिसक गई। ठगे जाने का अहसास होते ही पीड़ितों ने मौके पर मौजूद मुख्य आरोपी मुकेशदास को चारों तरफ से घेर लिया और तुरंत स्थानीय पुलिस को मामले की भनक दी।
सामूहिक हंगामे और धोखाधड़ी की सूचना मिलते ही बैंक नोट प्रेस (BNP) थाना पुलिस भारी बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को संभाला और शुरुआती पूछताछ के लिए मुख्य आरोपी मुकेशदास बैरागी व उसकी पत्नी को हिरासत में लेकर थाने ले गई। इसके बाद बड़ी संख्या में आक्रोशित दूल्हे और उनके रोते-बिलखते परिजन भी आधी रात को थाने पहुंच गए, जहां उन्होंने बीएनपी थाना प्रभारी (TI) प्रीति कटारे को लिखित शिकायत सौंपकर पूरी आपबीती सुनाई।
💸 ‘शादी के लिए दिए थे 25 हजार रुपए, कहा था सिर्फ दो लोग ही आना’: सोशल मीडिया पर भेजी गई थीं फर्जी तस्वीरें
थाने पहुंचे पीड़ितों ने इस गिरोह की कार्यप्रणाली का खुलासा किया। शाजापुर जिले के अरनियां कलां निवासी पीड़ित दूल्हे राहुल मीना ने बताया कि उसने अपनी शादी तय कराने के नाम पर बिचौलिए को 25 हजार रुपए नकद दिए थे। आरोपियों ने चालाकी बरतने के लिए उनसे कड़े लहजे में कहा था कि वे अपने साथ भीड़ न लाएं और परिवार के केवल दो-तीन मुख्य सदस्यों को ही शादी में शामिल करने के लिए साथ लाएं ताकि अनाथ आश्रम के नियमों का उल्लंघन न हो।
वहीं, भोपाल से आए एक अन्य पीड़ित ओमप्रकाश प्रजापति ने बताया कि उसने शादी के लिए 15 हजार रुपए दिए थे और आरोपियों ने उन्हें एक दिन पहले यानी 24 मई को ही देवास के एक लॉज में बुलाकर ठहरा दिया था। पीड़ितों का यह भी आरोप है कि विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने उनके व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम हैंडल्स पर कई खूबसूरत लड़कियों की फर्जी तस्वीरें भी भेजी थीं, जिन्हें अपनी होने वाली पत्नी मानकर युवक इस जाल में फंसते चले गए।
📱 भाई ने ही भाई के साथ कर दिया ‘खेला’: रिश्तेदारी के जरिए जाल फैलाकर इंदौर भागा मुख्य सरगना, फोन किया बंद
इस पूरे खेल की बैकस्टोरी भी बेहद दिलचस्प और पारिवारिक धोखे से जुड़ी है। विदिशा के शमशाबाद क्षेत्र स्थित मानिम चौराहा के रहने वाले आरोपी मुकेशदास बैरागी का सगा भाई दिनेशदास बैरागी इंदौर में रहकर काम करता है। दिनेशदास ने ही कुछ समय पहले मुकेशदास को फोन पर कहा था कि इंदौर-देवास के अनाथ आश्रमों में कई बालिग लड़कियां हैं जिनकी शादी करवानी है और यदि उसकी नजर में कोई कुंवारा लड़का हो तो बताना। इसके बाद मुकेशदास और उसकी पत्नी ने मोटी कमीशन के लालच में अपनी रिश्तेदारी, गांवों और परिचितों के माध्यम से शादी के लिए बेताब दूल्हों की तलाश शुरू की, तो देखते ही देखते यह आंकड़ा 40 के पार पहुंच गया।
मुकेश ने सभी सीधे-साधे दूल्हों से पैसे वसूले और पूरे के पूरे लाखो रुपए अपने भाई दिनेशदास के बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। पैसे खाते में आते ही इंदौर में बैठे मुख्य मास्टरमाइंड भाई दिनेशदास ने अपना मोबाइल फोन पूरी तरह बंद कर लिया और फरार हो गया। रविवार रात को जब पोल खुली तो खुद मुकेशदास पुलिस के सामने हाथ जोड़कर यह कहता नजर आया कि उसे नहीं पता था कि उसका अपना भाई ऐसा फ्रॉड कर देगा। बकौल मुकेश, दिनेशदास ने उसके साथ भी धोखाधड़ी की है। फिलहाल, टीआई प्रीति कटारे ने बताया कि पुलिस टीम बैंक ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है और फरार दिनेशदास की गिरफ्तारी के लिए इंदौर टीमें भेजी जा रही हैं, जांच के बाद सभी आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।