Delhi Police ACP Promotion Controversy: जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में घिरे विवेक भगत, दिल्ली सरकार ने आदेश में संशोधन का किया फैसला
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार से छेड़छाड़ के आरोपी दिल्ली पुलिस के एसीपी विवेक भगत को 11 अन्य अधिकारियों के साथ एडीसीपी (Additional DCP) के पद पर पदोन्नत किए जाने का मामला तूल पकड़ गया है। हालांकि, बढ़ते विरोध के बीच आरोपी एसीपी विवेक भगत ने खुद स्वेच्छा से आगे आकर अनुरोध किया है कि जब तक इस कथित उत्पीड़न मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती और वह संतोषजनक निष्कर्ष तक नहीं पहुँच जाती, तब तक वे यह नया कार्यभार स्वीकार नहीं करेंगे।
🏛️ दिल्ली सरकार ने आदेश में किया संशोधन: स्पष्ट किया कि 25 अगस्त को शुरू हुई थी प्रक्रिया, मौजूदा घटना से काफी पहले का है प्रस्ताव
इस पूरे विवाद के बाद दिल्ली सरकार ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए बताया कि दानिप्स (DANIPS) के 12 अधिकारियों को एडीसीपी का कार्यभार सौंपने संबंधी आदेश 5 अक्टूबर को जारी किया गया था, लेकिन विवेक भगत के संबंध में इसमें संशोधन किया जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया कि अधिकारियों को अतिरिक्त कार्यभार सौंपने का यह प्रस्ताव 25 अगस्त को ही शुरू कर दिया गया था, जो इस मौजूदा घटनाक्रम से काफी पहले का है। साथ ही यह एक अस्थायी व्यवस्था है जिससे कोई वित्तीय लाभ नहीं मिलता है और न ही ये अधिकारी नियमित एडीसीपी के वैधानिक दायित्व निभा सकते हैं।
🔍 जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान लगे थे आरोप: क्राइम ब्रांच को सौंपी गई शिकायत, संसद मार्ग थाने के बाहर हुआ था प्रदर्शन
बीते शनिवार को जंतर-मंतर पर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर गंभीर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इस घटना के बाद कई स्वतंत्र पत्रकारों ने आरोपियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर संसद मार्ग थाने के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन भी किया था। दिल्ली पुलिस ने बताया कि उन्हें इस बाबत औपचारिक शिकायतें मिल चुकी हैं, जिन्हें निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए आगे क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया है।