Delhi Health Department Scam: दिल्ली स्वास्थ्य घोटाला; पूर्व DGHS डॉ. वत्सला अग्रवाल गिरफ्तार, ACB की बड़ी कार्रवाई
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग में दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में हुए करोड़ों के घोटाले में एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने बड़ी सफलता हासिल की है। ACB ने मामले में पूर्व डायरेक्टर जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) डॉ. वत्सला अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में अब तक कुल तीन गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिनमें डॉ. विजय कुमार रंगा और डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स नीरज चोपड़ा पहले ही सलाखों के पीछे हैं।
📊 क्या है पूरा घोटाला?
यह मामला सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) के माध्यम से की गई खरीदारी में भारी वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। जांच में सामने आया है कि टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर, बाजार दर से अधिक कीमतों पर भुगतान और बिना मांग के उपकरण खरीदने जैसे गंभीर भ्रष्टाचार किए गए। सप्लायर्स को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए सभी नियमों को ताक पर रख दिया गया था।
🛠️ किन उपकरणों की खरीद में हुई गड़बड़ी?
ACB के अनुसार, घोटाले में शामिल प्रमुख मेडिकल उपकरण और सामग्री इस प्रकार हैं:
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महंगे उपकरण: पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें, सी-आर्म रेडियोलॉजिकल उपकरण और एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन।
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सर्जिकल सामान: ग्लव्स, कैनुला, ड्रेसिंग और स्यूचर।
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अन्य सामग्री: ओआरएस (ORS) और लिनेन सामग्री जैसे बेडशीट व तकिए के कवर।
🔍 ACB की जांच और सीएम के निर्देश
ACB ने विजिलेंस विभाग से मिली रिपोर्ट के बाद टेंडर आवंटन, आपूर्ति, तकनीकी मूल्यांकन और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की कड़ी जांच शुरू की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि सरकार भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के निर्देश दिए हैं ताकि जनता के पैसे के दुरुपयोग के लिए जिम्मेदार हर व्यक्ति को सजा मिल सके।