गांधीनगर में दूषित पानी का कहर: कई घरों में पहुंचे टाइफाइड के मरीज, अमित शाह ने फोन कर डिप्टी सीएम से मांगी रिपोर्ट
गुजरात की राजधानी गांधीनगर में भी इंदौर जैसे हालात बन रहे हैं. दरअसल गांधीनगर के कई सेक्टरों में दूषित पानी की सप्लाई से बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ गए हैं. बताया जा रहा है कि गंदे पानी की वजह से हर घर में टाइफाइड के मरीज मिल रहे हैं. इस सूचना से शासन से लेकर प्रशासन तक में हड़कंप मचा हुआ है. स्वास्थ्य विभाग की अलग-अलग टीमों ने प्रभावित क्षेत्र के पानी के नमूने लिए और करीब 10 हजार घरों का सर्वे कराया.
शनिवार को जहां मरीजों की संख्या 100 थी वो रविवार को 120 से ज्यादा हो गई है. इन सेक्टरों में रह रहे लोगों में भय का माहौल है. कुछ लोग अपने परिवार के साथ गांव या फिर रिश्तेदारी में चले गए हैं. प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग की कई टीमों को इन सेक्टरों में कैंप लगाने के निर्देश दिए हैं. डॉक्टरों की टीम लोगों के स्वास्थ्य पर नजर रख रही है. जिन लोगों का स्वास्थ्य ज्यादा खराब है उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है. प्रशासन का दावा है कि 22 डॉक्टरों की एक टीम को जांच व उपचार के काम में लगाया.
10 से 15 दिनों में मिलने लगेगा साफ पानी
राज्य के उपमुख्यमंत्री संघवी ने बताया कि प्रभावित लोगों के बेहतर इलाज की व्यवस्था की गई है. संघवी ने इस मामले में गांधीनगर के महापौर, कलक्टर, मेडिकल विभाग के अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की तथा हालात का जायजा लिया. गांधीनगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने इस मामले में सर्विलांस करके सेक्टरों में साफ पानी देने का प्लान बनाया है और यह लगभग पूरा होने वाला है. यह प्रोजेक्ट 10 से 15 दिनों में शुरू हो जाएगा.
मरीजों से मिले उपमुख्यमंत्री संघवी
उपमुख्यमंत्री संघवी ने बताया कि गांधीनगर के सरकारी अस्पताल पहुंचकर उपचाराधीन लोगों से कुशलक्षेम पूछा गया है. बीमारी को फैलने से रोकने और प्रभावितों के बेहतर उपचार के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं. संघवी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने फोन कर हालात का जायजा लिया और इस बारे में उन्हें नियमित अपडेट देने को कहा. संघवी ने कहा कि जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी.
