होलिका दहन 2026 की तारीख का कंफ्यूजन खत्म! सुख-शांति के लिए होली से पहले घर से निकाल दें ये अशुभ चीजें
होली के त्योहार को लेकर उत्साह बढ़ने लग गया है. ये होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह जीवन में नई ऊर्जा का संचार करने वाला एक महत्वपूर्ण परिवर्तन का समय भी है. हालांकि इस बार सबसे बड़ा कन्फ्यूजन यह है कि होलिका दहन 2 मार्च को किया जाए या 3 मार्च को. पारंपरिक पंचांगों में आमतौर पर 3 मार्च को ऑफिशियल तारीख बताया जाता है. ऋषिकेश पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि 2 मार्च 5 बजकर 18 मिनट से शुरू हो रही है और 3 मार्च को शाम 5 बजकर 56 मिनट पर समाप्त होगी.
पंचांग के अनुसार, इस बार होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 2 मार्च की रात 12 बजकर 15 मिनट से 2 बजकर 2 मिनट तक किया जा सकता है. यह समय एक घंटा 12 मिनट का है. होली के कंफ्यूजन को दूर करने के साथ ही लोगों को इस बात का भी ध्यान रखना है कि त्योहार से पहले उन्हें किस तरह की तैयारियां करनी हैं. दरअसल, वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस पवित्र त्योहार के दौरान घर को बाहर से साफ करने के साथ-साथ घर के अंदर छिपी नकारात्मक ऊर्जा को दूर करना भी जरूरी है.
घर में जमा अनावश्यक चीजें हमारी एकाग्रता को कम कर सकती हैं और आर्थिक प्रगति में बाधा डाल सकती हैं. उदाहरण के लिए, घर में सूखे या मुरझाए पौधे रखना उदासी और विकास में रुकावट का संकेत माना जाता है. इसके बजाय, तुलसी या मनी प्लांट जैसे हरे-भरे पौधे लगाने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है. इसी तरह, पुराने और बेकार जूते जीवन की कठिनाइयों और संघर्षों को दर्शाते हैं इसलिए उन्हें घर से बाहर फेंक देना ही बेहतर है.
टूटे हुए शीशे घर से हटाएं
वास्तु के मुताबिक, घर में ऊर्जा का सुचारू प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए टूटे हुए दर्पण या कांच की वस्तुओं को तुरंत हटा देना चाहिए क्योंकि ये अशुभ संकेत होते हैं. यदि पूजा कक्ष या घर के किसी कोने में देवी-देवताओं की मूर्तियां हों, तो ऐसी टूटी हुई मूर्तियों को कूड़ेदान में नहीं फेंकना चाहिए बल्कि आदरपूर्वक बहते पानी में विसर्जित कर देना चाहिए या किसी पुष्पवृंत वृक्ष की शाखा में रख देना चाहिए.
इसके अलावा, टूटे हुए मोबाइल फोन या टीवी जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामान राहु ग्रह पर बुरा प्रभाव डाल सकते हैं और आर्थिक कठिनाइयों का कारण बन सकते हैं इसलिए इस बार होली से पहले घर से ऐसी प्रमुख अशुभ वस्तुओं को हटा दें और खुले मन से सौभाग्य और धन का स्वागत करें.
