Chhattisgarh Dial 112: रायपुर में डायल-112 नेक्स्ट जेन सेवा का आगाज; गृहमंत्री विजय शर्मा ने 54 हाईटेक वाहनों को दिखाई हरी झंडी
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नागरिक सुरक्षा, कानून व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को बेहद प्रभावी, त्वरित और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बुधवार को पुलिस परेड ग्राउंड में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। ग्राउंड में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान राज्य की नई ‘डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जनरेशन’ सेवा का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस गौरवशाली कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा रहे, जिन्होंने फीता काटकर और हरी झंडी दिखाकर 54 नए अत्याधुनिक इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहनों (ERV) को रायपुर शहर और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रवाना किया। इस आधुनिक तकनीक के जुड़ने से अब राजधानी समेत पूरे जिले में आपातकालीन स्थितियों के दौरान पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम (घटनास्थल पर पहुंचने का समय) काफी कम हो जाएगा।
🛠️ जीपीएस, विशेष कैमरे और मोबाइल फोन जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं गाड़ियां: सेंट्रल कमांड सेंटर को मिला C-DAC का साथ
नई गाड़ियों की तकनीकी विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि ये सभी 54 गाड़ियां पूरी तरह से आधुनिकतम विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस हैं। इन गाड़ियों में एडवांस जीपीएस (GPS) ट्रैकिंग सिस्टम इनबिल्ट है। कंट्रोल रूम में जैसे ही कोई पीड़ित कॉल करेगा, आपातकालीन संदेश आने के साथ ही पीड़ित की सटीक लोकेशन सीधे गाड़ी के मोबाइल टर्मिनल पर आ जाएगी। इसके अलावा, सुरक्षा के लिहाज से इन वाहनों में कई संवेदनशील और उच्च क्षमता के कैमरे लगाए गए हैं और फील्ड स्टाफ के लिए एक विशेष एंड्रॉइड मोबाइल फोन भी दिया गया है। गृहमंत्री ने इस क्रांतिकारी शुरुआत के लिए देश के केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।
💻 अनुभवी ‘सीडैक’ (C-DAC) ने तैयार किया है सेंट्रल कमांड का हाईटेक सॉफ्टवेयर: व्यवस्थाओं को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार की बड़ी पहल
गृहमंत्री विजय शर्मा ने आगे बताया कि हमारा मुख्य उद्देश्य यह है कि जैसे ही कोई नागरिक संकट के समय 112 नंबर डायल करे, ये गाड़ियां न्यूनतम रिस्पॉन्स टाइम के भीतर पीड़ित के सामने मौजूद मिलें। इसके लिए पूरी तकनीकी व्यवस्था और सेंट्रल कमांड सेंटर के सॉफ्टवेयर को और अधिक एडवांस व मजबूत बनाने की जिम्मेदारी देश की प्रतिष्ठित सरकारी संस्था ‘सीडैक’ (C-DAC) को दी गई है। सीडैक ने इस सेवा के लिए बेहद खास और सटीक सॉफ्टवेयर डेवलप किया है और वर्तमान में वे ही इसे ऑपरेट कर रहे हैं। चूंकि सीडैक को देश के कई बड़े राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इस तरह के इमरजेंसी सिस्टम को संचालित करने का एक लंबा और बेहतरीन अनुभव है, इसलिए पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ इस काम को उनके माध्यम से पूरा कराया जा रहा है।
📱 छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों तक हुआ डायल-112 सेवा का विस्तार: “एक्के नंबर- सब्बो बर” के तहत एक ही प्लेटफॉर्म पर जुड़ीं सभी आपात सेवाएं
रायपुर जिले को मिले इन 54 जीपीएस-सुसज्जित इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहनों (ERV) और 4 विशेष हाईवे पेट्रोलिंग वाहनों के बेड़े के शामिल होने के साथ ही, छत्तीसगढ़ में डायल-112 सेवा का विस्तार अब राज्य के सभी 33 जिलों में पूरी तरह से हो गया है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “एक्के नंबर- सब्बो बर” (यानी सभी आपातकालीन जरूरतों के लिए केवल एक नंबर) के तहत अब पुलिस सहायता, फायर ब्रिगेड (अग्निशमन), मेडिकल इमरजेंसी (एम्बुलेंस), महिला हेल्पलाइन और चाइल्ड हेल्पलाइन सहित सभी आपातकालीन सुरक्षा सेवाएं एक ही एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आम नागरिकों के लिए 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी।
रायपुर पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित इस हरी झंडी कार्यक्रम के दौरान रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत, रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे, रायपुर के पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित कांबले, जिला कलेक्टर गौरव कुमार सिंह और ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता सिन्हा सहित पुलिस व प्रशासन के कई आला अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।