कूनो नेशनल पार्क से बाहर निकला चीता, श्योपुर के गांव में ग्रामीणों ने किया पथराव; सुरक्षा पर उठे सवाल

श्योपुर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) से चीतों के बार-बार बाहर निकलने का सिलसिला थम नहीं रहा है। चीते के पार्क से बाहर निकलकर रिहायशी इलाके में पहुंचने की ताजा घटना श्योपुर के सोईकलां क्षेत्र से सामने आई है। यहां पिछले कुछ दिनों से एक चीता आबादी वाले क्षेत्र में स्वच्छंद घूमता हुआ देखा गया। दहशत में आए ग्रामीणों ने उसे भगाने के प्रयास में उस पर पथराव कर दिया। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ग्रामीण चीते पर पत्थर फेंकते हुए नजर आ रहे हैं।

⚠️ मौके पर मौजूद नहीं थी वन विभाग की टीम, विशेषज्ञों ने पार्क के भीतर-बाहर सुरक्षा व्यवस्था पर जताई चिंता

घटना के समय मौके पर न तो वन विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद था और न ही चीतों की निगरानी करने वाली ट्रैकिंग टीम।

वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि पार्क के अंदर और बाहर दोनों ही स्थानों पर चीते सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। इस प्रकार की गंभीर घटनाएं कूनो नेशनल पार्क की सुरक्षा व प्रबंधन व्यवस्था पर बड़े प्रश्नचिह्न खड़े करती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे कई ठोस और तकनीकी कारण हैं जिनकी वजह से चीते बार-बार पार्क की सीमाएं लांघकर बाहर भाग रहे हैं। श्योपुर में दो अलग-अलग वन क्षेत्र हैं—एक श्योपुर सामान्य वन मंडल का और दूसरा कूनो नेशनल पार्क।

🥩 भोजन की तलाश में भटक रहे हैं चीते, घास के मैदान (Grassland) विकसित न होने से हिरणों की संख्या में आई कमी

विशेषज्ञों के मुताबिक, पार्क में छोड़े गए चीते अक्सर ग्रामीण इलाकों और खुले जंगलों की ओर भोजन (Prey Base) की तलाश में चले जाते हैं।

कई बार ये चीते भटकते हुए पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के इटावा अथवा राजस्थान की सीमाओं तक जा पहुंचते हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि कूनो में चीतों के शिकार के लिए जो चीतल और काले हिरण छोड़े गए थे, उनकी संख्या उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ सकी है। वर्ष 2022 से अब तक एक हजार से अधिक हिरण कूनो में छोड़े जा चुके हैं, किंतु घास के मैदानों (Grasslands) का समुचित विकास न होने के कारण उनकी कुल संख्या दो से ढाई हजार तक भी नहीं पहुंच पाई है।

🐆 सीमित दायरा और तेंदुओं का दबाव: बकरियों व बछड़ों के शिकार के लिए गांवों का रुख कर रहे हैं चीते

जब जंगल के भीतर शाकाहारी जीवों की उपलब्धता कम होती है, तो चीते आसान शिकार की तलाश में गांवों का रुख करते हैं और मवेशियों जैसे बकरियों व बछड़ों पर हमला करते हैं।

इसके अतिरिक्त, पार्क का सीमित दायरा भी चीतों के बाहर भागने का एक प्रमुख कारण है। चीते अत्यधिक तीव्र गति से दौड़ने वाले जीव हैं और वे स्वाभाविक रूप से लंबी दूरी तय करते हैं; ऐसे में कूनो का वर्तमान क्षेत्रफल उनके लिए छोटा साबित हो रहा है। साथ ही, जंगल के भीतर पहले से मौजूद तेंदुओं (Leopards) के वर्चस्व और क्षेत्रीय दबाव (Territorial Pressure) के कारण भी चीते बाहर निकलने को मजबूर हो रहे हैं।

क्या धारावी की जमीन के मालिक बन जाएंगे अडानी, जानिए असल कहानी?     |     EVM के इस्तेमाल की जिद क्यों? एलन मस्क की टिप्पणी के बाद अखिलेश यादव का सवाल     |     इंस्टा पर दोस्ती, होटल ले जाकर दोस्तों ने किया गंदा काम… सुसाइड से पहले युवक बता गया दर्द भरी दास्तां     |     तांत्रिक ने बीमारी ठीक करने का झांसा देकर महिला से किया दुष्कर्म     |     T20 World Cup: पाकिस्तान के बाहर होने पर सिद्धू ने खोली ICC की पोल, गावस्कर ने भी की खिंचाई     |     संसद में अब 2014 और 2019 वाली स्थिति नहीं…कभी भी गिर सकती है सरकार, स्पीकर पद को लेकर संजय राउत का बड़ा बयान     |     आयकर में दान पर टैक्स छूट के लिए फार्म 10बीई जरूर लें करदाता     |     राहुल गांधी ने छोड़ी वायनाड सीट तो प्रियंका गांधी होंगी उम्मीदवार! अगले तीन दिन में होगा फैसला     |     कोटा कोचिंग सेंटर में IIT की तैयारी करने वाले छात्र ने किया सुसाइड     |     उज्जैन से पीएमश्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा शुरू, CM मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी     |     ठाणे के कापूरबावडी में करोड़ों की संपत्ति पर अवैध तोड़फोड़ का आरोप: बिना नोटिस कार्रवाई से पीड़ित परिवार में भारी आक्रोश     |     इटावा पुलिस लाइन में महिला आरक्षी प्रियंका की मौत: पति की प्रताड़ना और 5 लाख के लोन के दबाव से तंग आकर खाया जहर, आरोपी पति गिरफ्तार     |     उज्जैन: श्रावण के दूसरे सोमवार पर महाकाल का नगर भ्रमण, रामघाट पर क्षिप्रा जल से पूजन और मिला गार्ड ऑफ ऑनर     |     चमोली में बड़ा हादसा: नीती घाटी का तमक वैली ब्रिज नदी के तेज बहाव में क्षतिग्रस्त, 17 से अधिक गांवों का संपर्क टूटा     |     राजस्थान के बालोतरा में गजब मामला: खेत में दबाए ₹5 लाख भूल गया किसान, 1 साल बाद निकले तो दीमक ने चट कर दिए नोट     |     महासमुंद में जर्जर सड़कों पर फूटा पटरी पार संघर्ष मोर्चा का गुस्सा: धरना प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन, 7 दिन में चक्काजाम की चेतावनी     |     डोंगरिया घाट के जलेश्वर महादेव में उमड़ा शिवभक्तों का जनसैलाब: फोंक नदी में 50 फीट गहराई में स्थापित हैं स्वयंभू शिवलिंग     |     महासमुंद में बदहाल सड़कों के खिलाफ उग्र हुआ ‘पटरी पार संघर्ष मोर्चा’, धरना-प्रदर्शन कर तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन     |     रायपुर में नशे के सौदागरों पर बड़ा प्रहार: गंज पुलिस ने ₹20 लाख के MDMA ड्रग्स के साथ तस्कर को दबोचा     |     कबीरधाम: सरस्वती साइकिल योजना से आसान हुई बेटियों की पढ़ाई, कुंडा में 150 छात्राओं को मिली नई साइकिल की सौगात     |    

Pradesh Samna
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए सम्पर्क करें