Canada Student Death: 20 दिन के लंबे इंतजार के बाद उज्जैन पहुंचा छात्र का पार्थिव शरीर, मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि
उज्जैन: कनाडा के फोर्ट सेंट जॉन शहर में 14 मार्च को उज्जैन के छात्र गुरकीरत सिंह मनेचा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. घटना के 20 दिन बाद पार्थिव शरीर उज्जैन पहुंचा. गुरकीरत का शव गुरुवार रात अहमदाबाद एयरपोर्ट पहुंचा था. जहां से एम्बुलेंस के माध्यम से शुक्रवार सुबह उज्जैन लाया गया.
सुबह 10 बजे गुरकीरत की अंतिम यात्रा चक्रतीर्थ शमशान की ओर रवाना हुई. जिसमें परिवार, सिख समाज, जनप्रतिनिधियों सहित प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी शामिल हुए और श्रद्धा सुमन अर्पित कर परिवार को हिम्मत दी. सभी ने गुरकीरत को नम आंखों से विदाई दी.
अंतिम यात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने गुरकीरत के परिवार को सांत्वना देते हुए कहा कि “मध्य प्रदेश सरकार हर परिवार के सुख-दुख में हमेशा से साथ है. घटना दुखद है लेकिन विदेश के अपने नियम होते हैं. बावजूद भारत सरकार के सहयोग से मनेचा परिवार का लाल गुरकीरत घर पहुंचा. गुरकीरत की अंतिम यात्रा में हम सभी शामिल हुए हैं. परिवार के साथ मध्य प्रदेश सरकार हमेशा खड़ी है. मन में इस बात का संतोष है कि हमारा बच्चा हमारे घर आ गया.”
केंद्र सरकार ने उठाया खर्च
उज्जैन आलोट संसदीय क्षेत्र से सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि “कनाडा में उज्जैन के गुरकीरत की 14 मार्च को हत्या के बाद पार्थिव शरीर को घर लाने के लिए भारत सरकार के माध्यम से लगातार प्रयास करते रहे. विदेश मंत्री जयशंकर से भी मेरी चर्चा हुई थी. आज शव घर पहुंचा है और अंतिम यात्रा में हम सभी शामिल हुए हैं. केंद्र सरकार ने मदद की और पूरा खर्च सरकार ने उठाया. भगवान के श्री चरणों में छात्र गुरकीरत को स्थान मिले यही मनोकामना है.”
गुरकीरत को जगह-जगह दी गई श्रद्धांजलि
गुरकीरत सिंह की अंतिम यात्रा शहर के देवास रोड स्थित पार्श्वनाथ सिटी से शुरू हुई. यह संजीवनी हॉस्पिटल के रास्ते फ्रीगंज मार्केट, सुख सागर गुरुद्वारा, टावर चौक होते हुए चामुंडा माता मंदिर के रास्ते आगर रोड, मंगलनाथ मार्ग पिपली नाका होते हुए चक्रतीर्थ शमशान पहुंची. जहां पर गुरकीरत को अंतिम विदाई दी गई. रास्ते में जगह-जगह गुरकीरत को शहरवासियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार को हिम्मत दी.
‘सीधा-सादा और नेक बेटा था गुरकीरत’
पिता गुरिजत सिंह ने कहा मेरा बेटा नेक और सीधा सादा था. हर रोज गुरुद्वारे आने जाने वाला. कनाडा जाने के पहले व्यापार में मेरा साथ देता था. किसी विवाद मे पड़ने वाला बच्चा नहीं था. अपने सपनों को जीने गया था, कुछ बनकर हमें आर्थिक रूप से मजबूत और खुशहाल देखना चाहता था.
भाई प्रबकिरत सिंह ने कहा “संकट मानसिक के साथ आर्थिक तौर पर भी था. लोन लेकर पड़ने भेजा था. मैं रायपुर में रहता हूं और माता-पिता उज्जैन में किराए के मकान में रहते हैं. कनाडा का छोटा शहर है फोर्ट सेंट जॉन जहां बहुत कम लोग एक दूसरे को जानते हैं. नॉर्दन लाइट कॉलेज के बाहर की घटना है. 2 गुटों के विवाद ने बेवजह हमारे भाई को चपेट में ले लिया. ऐसा बताया गया कि वहां उसकी हत्या कर दी गई.”
