BMSICL Controversy: 307 करोड़ के मेडिकल टेंडर में धांधली का मामला, कोर्ट ने 19 नवंबर तक तलब किया जवाब
बिहार के सरकारी अस्पतालों में बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए खरीदे गए माइक्रोवेव डस्टबीन और बायोडिग्रेडेबल बैग की खरीद में हुई कथित भारी-भरकम धांधली का मामला अब पटना हाईकोर्ट पहुंच गया है। अदालत ने इस पूरे भ्रष्टाचार के आरोपों पर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। मुख्य न्यायाधीश वी. कामेश्वर राव और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी की खंडपीठ ने इस मामले में सुनवाई करते हुए बिहार सरकार को 19 नवंबर 2026 तक अपना पक्ष रखने का कड़ा निर्देश दिया है।
💰 बाजार मूल्य से 10 गुना अधिक कीमत चुकाने का सनसनीखेज आरोप: 307 करोड़ का है टेंडर
याचिकाकर्ता कौशलेश कुमार की ओर से दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव कुमार मिश्र ने कोर्ट को बताया कि BMSICL द्वारा खरीदे गए 75 लीटर और 45 लीटर के डस्टबीन व बायोडिग्रेडेबल बैग बाजार मूल्य से करीब 10 गुना अधिक दाम पर खरीदे गए हैं। याचिका में दावा किया गया है कि जून 2024 से अप्रैल 2026 के बीच लखनऊ की एक कंपनी (‘एसएस मेडिकल सिस्टम’) को 307 करोड़ रुपये का टेंडर दिया गया, जबकि वास्तविक बाजार कीमत के हिसाब से यह सामग्री मात्र 29 करोड़ रुपये में मिल सकती थी।
🗓️ 19 नवंबर की अगली सुनवाई होगी बेहद अहम: सरकार को देना होगा स्पष्टीकरण
इस मामले में पहले भी 8 सितंबर को सुनवाई हो चुकी है, जिसमें अदालत ने स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। अब 19 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई में सरकार के आधिकारिक जवाब के बाद ही टेंडर की प्रक्रिया, गुणवत्ता और भुगतान से जुड़े सभी तथ्यों पर स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी।