गुरदासपुर में जिला प्रशासन का बड़ा फैसला: मैरिज पैलेस में हथियार, बिना सत्यापन किरायेदार और साइबर कैफे पर कड़े प्रतिबंध लागू
गुरदासपुर (पंजाब): जिला गुरदासपुर में शांति, सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से एडीशनल जिला मेजिस्ट्रेट (ADM) गुरसिमरन सिंह ढिल्लों ने जिले भर में विभिन्न प्रकार के कड़े प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।
जारी आदेशों के अनुसार, गुरदासपुर जिले की सीमा के भीतर कोई भी व्यक्ति मवेशियों को सार्वजनिक स्थानों या सड़कों पर चराने के लिए नहीं ले जाएगा और न ही उन्हें आवारा छोड़ेगा। इसके अतिरिक्त, जिले के गांवों व कस्बों में रह रहे परिवार के मुखिया या व्यावसायिक गतिविधियों में शामिल लोग अपने पास ठहरने वाले किसी भी बाहरी रिश्तेदार या आगंतुक की पूरी जानकारी तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में दर्ज कराएंगे।
🏰 मैरिज पैलेस, धार्मिक स्थलों व शैक्षणिक संस्थानों में हथियार ले जाने पर पूर्ण रोक
जिले में आयोजित होने वाले विवाह समारोहों अथवा सार्वजनिक आयोजनों के दौरान हथियारों के प्रदर्शन और प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
आदेशों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति शस्त्रों के साथ मैरिज पैलेस परिसर में प्रवेश नहीं करेगा। मैरिज पैलेस मालिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समारोहों के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करें। इसके अलावा, सभी स्कूलों, कॉलेजों, गुरुद्वारों तथा मंदिरों में भी हथियारों को साथ ले जाने पर पूरी तरह से रोक लगाई गई है।
💻 साइबर कैफे, होटल और किरायेदारों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य, 6 महीने तक सुरक्षित रहेगा लॉग रिकॉर्ड
सुरक्षा के दृष्टिगत जिले के सभी साइबर कैफे मालिकों को बिना वैध पहचान पत्र किसी भी अज्ञात व्यक्ति को इंटरनेट उपयोग न करने देने के निर्देश दिए गए हैं।
कैफे संचालकों को विजिटर रजिस्टर में यूजर का नाम, पता, फोन नंबर और वैध पहचान पत्र (जैसे मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट या फोटो युक्त क्रेडिट कार्ड) अपनी लिखावट में दर्ज कराना होगा। सर्वर लॉग रिकॉर्ड को कम से कम 6 महीने तक सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा। इसी प्रकार, होटल, रेस्तरां और धर्मशाला प्रबंधकों तथा मकान मालिकों के लिए किरायेदारों व अतिथियों की जानकारी संबंधित पुलिस स्टेशन में जमा कराना बाध्यकारी होगा।
🚜 ऑलिव ग्रीन यूनिफॉर्म, पीटर रेहड़ों से स्कूली बच्चों के परिवहन और बिना रिफ्लेक्टर वाहनों पर बैन
जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए नागरिकों द्वारा ऑलिव ग्रीन (ऑलिव रंग) की यूनिफॉर्म तथा उस रंग की जीप या मोटरसाइकिल के उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
साथ ही, रात्रि के समय साइकिल, ट्रैक्टर, रिक्शा या ठेला इत्यादि बिना रेड रिफ्लेक्टर या चमकदार टेप लगाए चलाने पर रोक रहेगी। स्कूली विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पीटर रेहड़ों पर बच्चों को लाने-ले जाने पर पूर्ण पाबंदी लगाई गई है; किसी दुर्घटना की स्थिति में स्कूल प्रबंधन समिति को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा। ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023’ की धारा 163 के तहत पंचायतों व धार्मिक कमेटियों को धार्मिक स्थलों पर ‘ठीकरी पहरा’ लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
🌳 हरे आम के पेड़ काटने, रात में मवेशी परिवहन और बॉर्डर एरिया में ऊंची फसलों की काश्त पर रोक
पर्यावरण और कृषि सुरक्षा के दृष्टिकोण से जिले में हरे आम के पेड़ों की कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा; विशेष परिस्थितियों में केवल वन विभाग की अनुमति से ही कटाई की जा सकेगी।
गोवंश की रक्षा हेतु सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले मवेशियों के परिवहन पर रोक लगाई गई है। इसके अतिरिक्त, अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे भारतीय क्षेत्र की 50 गज (150 फीट) की परिधि में किसानों को गन्ने, पॉपलर, व्हाइट ओक या ऊंची फसलों की खेती करने तथा किसी भी प्रकार के ऊंचे ढांचे का निर्माण करने से प्रतिबंधित किया गया है। प्रशासन द्वारा जारी ये सभी दिशानिर्देश 19 सितंबर 2026 तक पूरे जिले में प्रभावी रहेंगे।