गोपालगंज में बड़ी कार्रवाई: निर्दोषों को 36 घंटे अवैध हिरासत में रख वसूली करने वाला थानाध्यक्ष और 3 अन्य गिरफ्तार, भेजे गए जेल
गोपालगंज (बिहार): बिहार के गोपालगंज जिले में पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। जादोपुर थाने में निर्दोष नागरिकों को गैरकानूनी रूप से बंधक बनाकर रखने और उनसे मोटी रकम वसूलने के आरोप में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक (SP) विनय तिवारी के कड़े निर्देशों पर हुई विस्तृत जांच के बाद तत्कालीन थानाध्यक्ष (SHO) सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल राम, चौकीदार राजू यादव, राकेश कुमार और थाने का कथित बिचौलिया महंथ कुमार यादव शामिल हैं।
📋 36 घंटे तक अवैध हिरासत में रखा, मुकदमे की धमकी देकर 50 हजार वसूले
डीएसपी (मुख्यालय) की जांच रिपोर्ट में पुलिसकर्मियों की मनमानी और गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं:
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अवैध रूप से बंधक बनाया: जितन राम, विजय राम, शंकर राम सहित एक महिला और उसकी नाबालिग बेटी को बिना किसी आधिकारिक एफआईआर या विधिक अनुमति के लगभग 36 घंटे तक थाने में कैद रखा गया।
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फर्जी केस का भय: झूठे मुकदमे में जेल भेजने की धमकी देकर इन निर्दोष व्यक्तियों से ₹50,000 की अवैध वसूली की गई।
💰 महिला और नाबालिग बेटी को छोड़ने के नाम पर लाखों की मांग, गवाहों को धमकाया
जांच में वसूली और दबाव बनाने के कई अन्य तथ्य भी सामने आए हैं:
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छोड़ने के नाम पर रिश्वत: महिला और उसकी नाबालिग बेटी को मुक्त करने की एवज में ₹75,000 तथा मामले से नाम हटाने के नाम पर ₹55,000 की अतिरिक्त अवैध रकम ऐंठने का आरोप सिद्ध हुआ है।
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गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश: विभागीय जांच प्रक्रिया के दौरान आरोपियों ने गवाहों को डराने-धमकाने और बयानों को प्रभावित करने का प्रयास भी किया।
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एफआईआर दर्ज: साक्ष्यों के आधार पर जादोपुर थाने में कांड संख्या 185/2026 दर्ज कर अग्रिम कानूनी कार्यवाही शुरू की गई।
⚖️ भ्रष्टाचार और अवैध हिरासत पर शून्य सहनशीलता: एसपी विनय तिवारी का कड़ा संदेश
इस सख्त कार्रवाई के बाद जिले के पुलिस महकमे में खलबली मच गई है:
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जेल भेजे गए आरोपी: तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल राम सहित सभी चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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सख्त चेतावनी: एसपी विनय तिवारी ने स्पष्ट किया है कि वर्दी की आड़ में कानून का उल्लंघन, मानवाधिकारों का हनन, अवैध हिरासत या किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पुलिसकर्मियों पर कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।