Bhupesh Baghel in Bhilai: सरकार का खजाना खाली और गारंटी पूरी नहीं हुई, रिसाली चुनाव को लेकर कांग्रेस ने भरी हुंकार
दुर्ग-भिलाई के रिसाली नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी ने अपनी चुनावी तैयारियों को पूरी तरह तेज कर दिया है। सोमवार को रिसाली के एक निजी भवन में कांग्रेस की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, रिसाली चुनाव पर्यवेक्षक मोहन मरकाम समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक के दौरान दिग्गजों ने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर पूरी तरह सक्रिय रहने और संगठन को मजबूत करते हुए आगामी चुनाव में जीत हासिल करने के आवश्यक टिप्स दिए।
📜 ईवीएम की विश्वसनीयता पर उठे सवाल: पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की पुरजोर मांग उठाई
बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में एक ही मशीन के जरिए पार्षद और महापौर के लिए दो वोट डलवाने का अजीब प्रयोग किया गया है, जबकि निर्वाचन आयोग के नियमों के मुताबिक एक चुनाव के लिए एक ही व्यवस्था का प्रावधान होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन विकसित देशों में ईवीएम का निर्माण होता है, वहाँ भी आज बैलेट पेपर से ही मतदान कराया जाता है। बघेल ने कहा कि ग्रामीण इलाकों के सीधे-साधे लोग भी अब यह कहते हैं कि चुनाव ठप्पे (बैलेट पेपर) से ही होने चाहिए।
💰 सरकार पर तीखा हमला: ‘खजाना पूरी तरह खाली, गारंटी की गारंटी नहीं’, केदार कश्यप और बोधघाट परियोजना पर भी बोले
वर्तमान सरकार पर निशाना साधते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार के पास कर्मचारियों को वेतन और पेंशन तक देने के लिए धन नहीं बचा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अधिकांश गारंटियां अब तक धरातल पर पूरी नहीं हो पाई हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता के सामने धनबल और बाहुबल की सियासत नहीं चलती, अब जनता जागरूक हो चुकी है। वहीं, बोधघाट परियोजना को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली उत्पादन के लिए इसका विरोध किया गया था, लेकिन यदि यह केवल सिंचाई के उद्देश्य से हो तो कोई आपत्ति नहीं होगी। इसके साथ ही उन्होंने मंत्री केदार कश्यप पर निशाना साधते हुए कहा कि उनसे जुड़े जमीन और परीक्षा से जुड़े मामलों पर पहले जवाब मांगा जाना चाहिए।