Bhilai Municipal Council Politics: भिलाई में सत्ता की जंग, 70 वार्डों में जीत के लिए बीजेपी-कांग्रेस की बिसात
छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर निगम में आगामी निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुँच गई है। निगम की सत्ता पर कब्जा जमाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और सत्तारूढ़ कांग्रेस ने अपनी-अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। दोनों ही प्रमुख दलों में संगठनात्मक बैठकों का दौर जारी है, जहाँ पार्टी पदाधिकारी कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने, मतदाताओं से सीधा संवाद स्थापित करने और चुनावी रणनीति को जमीन पर उतारने का निर्देश दे रहे हैं।
🎯 सभी 70 वार्डों पर बीजेपी का जीत का लक्ष्य: ‘महापौर की सीट पर भगवा लहराने की तैयारी’
भिलाई नगर निगम के अंतर्गत कुल 70 वार्ड आते हैं, जहाँ वर्तमान में कांग्रेस का कब्जा है। ऐसे में बीजेपी के लिए यह चुनाव निगम की सत्ता में वापसी की बड़ी चुनौती है। बीजेपी कार्यालय में वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं। भिलाई नगर निगम में बीजेपी के नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा ने कहा कि पार्टी का संगठन बूथ स्तर तक पूरी तरह से तैयार है। बीजेपी इस बार सभी 70 वार्डों में अपने पार्षद जिताने और भिलाई में बीजेपी का महापौर बनाने का संकल्प लेकर मैदान में उतर रही है।
🏛️ विकास कार्यों के दम पर दोबारा वापसी का कांग्रेस को भरोसा: बीजेपी और कांग्रेस में सीधी टक्कर के आसार
दूसरी ओर, कांग्रेस भी अपनी सत्ता को बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। पार्टी बैठकों के जरिए कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन कर रही है। कांग्रेस नेता और एमआईसी (MIC) सदस्य आदित्य सिंह का कहना है कि पार्टी के कार्यकाल में भिलाई क्षेत्र के अंदर अभूतपूर्व विकास कार्य हुए हैं और जनहित से जुड़े ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। इन्हीं विकास कार्यों और जनता के भरोसे के आधार पर कांग्रेस एक बार फिर निगम में पूर्ण बहुमत के साथ अपना महापौर बनाने का दावा कर रही है। दोनों ही दलों की सक्रियता से भिलाई की राजनीति में चुनावी पारा पूरी तरह चढ़ चुका है।