Bastar Pride in Shimla: 71वीं अखिल भारतीय नृत्य प्रतियोगिता में बस्तर की बेटियों का डंका; जीता प्रथम पुरस्कार
जगदलपुर/शिमला: बस्तर अपनी गौरवशाली संस्कृति और लोक कला के लिए विश्व भर में विख्यात है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए बस्तर की बेटियों ने हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। 71वीं अखिल भारतीय नाट्य और नृत्य प्रतियोगिता में बस्तर की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त कर न केवल बस्तर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।
🏆 कड़े मुकाबले में हासिल की शानदार जीत
ऑल इंडिया आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (AIAA) द्वारा शिमला में आयोजित इस 5 दिवसीय राष्ट्रीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता में देशभर से आए सैकड़ों कलाकारों ने हिस्सा लिया था। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद बस्तर की बेटियों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा और मनमोहक लोक नृत्य शैली से जजों और दर्शकों का दिल जीत लिया। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने बस्तर की टीम को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया।
✨ बस्तर की गौरवमयी टीम
इस विजेता टीम में पूनम भारती, रितु शोरी, रामेश्वरी कश्यप, संतोषी कश्यप, देवकी नेताम, प्रज्ञा दुबे, नीलावती भवानी और कृति मौर्य शामिल हैं। इन कलाकारों ने जिस कुशलता से बस्तर की संस्कृति को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया, उसकी सर्वत्र सराहना हो रही है।
🎊 पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी का माहौल
बस्तर की बेटियों की इस उपलब्धि से पूरे संभाग और छत्तीसगढ़ राज्य में जश्न का माहौल है। लोककला के जानकारों और क्षेत्रवासियों ने टीम के सदस्यों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। यह जीत न केवल उनकी व्यक्तिगत प्रतिभा का प्रमाण है, बल्कि बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की भी जीत है।
