Barapullah Elevated Corridor: मयूर विहार से एम्स रूट पर भारी जाम, जंगपुरा के पास 4 गाड़ियां टकराईं; PWD को भेजा गया प्रस्ताव
राजधानी दिल्ली में बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर का एम्स और सराय काले खां से मयूर विहार की ओर जाने वाला दूसरा कैरिजवे बृहस्पतिवार को आम वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया।
हालांकि, नए हिस्से के शुरू होते ही पुराने बारापुला कॉरिडोर पर यातायात का दबाव अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया। लगातार दूसरे दिन सुबह के व्यस्ततम पीक आवर्स में दफ्तर व अन्य गंतव्यों को जाने वाले लोगों को भीषण जाम का सामना करना पड़ा।
सराय काले खां और आसपास के क्षेत्र में करीब चार किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिसके चलते लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से एक घंटे से भी अधिक समय लग गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस को मयूर विहार से आने वाले वाहनों को डीएनडी (DND) और एनएच-9 (NH-9) की तरफ डायवर्ट करना पड़ा। इसी बीच पुराने कॉरिडोर पर जंगपुरा एक्सटेंशन के पास चार गाड़ियां आपस में टकरा गईं, जिससे यमुना पर बने कॉरिडोर तक गाड़ियों के पहिए पूरी तरह थम गए।
⚠️️ मर्जिंग प्वॉइंट पर बना बॉटलनेक: ट्रैफिक सर्वे में सामने आए जाम के 3 बड़े कारण
ट्रैफिक पुलिस और विशेषज्ञों के सर्वे में जाम के मुख्य कारणों का विश्लेषण:
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3 लेन का ट्रैफिक 2 लेन में सिमटना: सनडायल के पास फेज-3 एलिवेटेड रोड का मौजूदा पुराने कॉरिडोर में मर्जर होता है। वहां जगह कम होने के कारण मयूर विहार से एम्स की ओर आने वाला तीन लेन का ट्रैफिक अचानक दो लेन में सिमट जाता है, जिससे वहां भयंकर बॉटलनेक बन रहा है।
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कई दिशाओं के वाहनों का एक साथ मिलना: मर्जिंग प्वॉइंट पर अलग-अलग मार्गों से आने वाली गाड़ियां एक ही संकरी सड़क पर पहुंचती हैं, जिससे सड़क की तय क्षमता से कई गुना अधिक वाहनों का भार बढ़ जाता है।
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रूट डायवर्जन का अतिरिक्त दबाव: नए फेज-3 कॉरिडोर के शुरू होने से वे वाहन चालक भी इस मार्ग का रुख करने लगे हैं जो पहले एनएच-9 या डीएनडी का इस्तेमाल करते थे। इस अतिरिक्त ट्रैफिक ने पुराने और नए दोनों हिस्सों को चोक कर दिया।
🛠️ ट्रैफिक पुलिस ने सुझाए 4 बड़े सुधार: PWD को भेजा गया औपचारिक प्रस्ताव
जाम से राहत दिलाने के लिए ट्रैफिक पुलिस द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना:
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मर्जिंग मोड़ को चौड़ा और सुगम बनाना: सनडायल के पास मर्जिंग प्वॉइंट के तीखे मोड़ को तकनीकी रूप से आसान और चौड़ा करने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) को प्रस्ताव भेजा गया है, ताकि वाहन बिना रुके सुचारू रूप से आगे बढ़ सकें।
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रेगुलेटरी ट्रैफिक मैनेजमेंट: मर्जिंग प्वॉइंट पर विशेष ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती और आधुनिक नियामक उपायों को लागू करने की तैयारी है, ताकि विभिन्न दिशाओं से आने वाले वाहनों का दबाव नियंत्रित किया जा सके।
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डिजिटल मैप्स पर रूट अपडेट: नए फेज-3 कॉरिडोर के रूट को गूगल मैप्स सहित अन्य प्रमुख जीपीएस नेविगेशन सेवाओं पर तत्काल अपडेट करने का सुझाव दिया गया है, जिससे चालक जाम वाले हिस्सों से बचकर सही रूट चुन सकें।
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वाहनों का वैकल्पिक डायवर्जन: दबाव को संतुलित करने के लिए भारी व सामान्य वाहनों को आवश्यकतानुसार एनएच-9 की ओर डायवर्ट करने की व्यवस्था जारी रखी जाएगी।
📢 अधिकारियों का आश्वासन: सुधारात्मक कदमों से जल्द नियंत्रित होगा ट्रैफिक का दबाव
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और आगे की योजना:
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निरंतर निगरानी का भरोसा: संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि नए कॉरिडोर पर ट्रैफिक फ्लो और सनडायल मर्जिंग प्वॉइंट की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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जल्द अमल में आएंगे बदलाव: अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि PWD और ट्रैफिक पुलिस आपसी समन्वय के साथ योजना बनाकर काम कर रहे हैं, ताकि यात्रियों को जाम के झाम से पूरी तरह निजात दिलाई जा सके और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित हो सके।