Supreme Court Hearing: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, राहुल गांधी के आचरण पर मांगा स्पष्टीकरण
नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान की गई कार्रवाई और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में एक अहम सुनवाई हुई। एक तरफ जहाँ अदालत ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई, मेट्रो स्टेशनों पर प्रतिबंध और इंटरनेट सेवा बंद किए जाने से जुड़ी अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई की, वहीं दूसरी तरफ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक के नेताओं की याचिका पर चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों को नोटिस जारी कर दिया है। इसके साथ ही, अदालत ने राहुल गांधी के समर्थकों के साथ सुप्रीम कोर्ट पहुँचने के आचरण पर स्पष्टीकरण भी मांगा है। इसके अतिरिक्त, सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की जगह के रूप में डीनोटिफाई करने की याचिका पर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है।
📹 ‘सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियां वीडियो और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखें’
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के कामकाज और एसआईआर (SIR) को लेकर विपक्षी दलों की संयुक्त याचिका पर नोटिस जारी करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि फैसले से पहले याचिकाकर्ताओं में से एक को अपने आचरण पर स्पष्टीकरण देना होगा।
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सीसीटीवी फुटेज पेश करने के निर्देश: विरोध-प्रदर्शन से जुड़े मामलों में कई वकीलों की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे विरोध-प्रदर्शन से जुड़ी घटनाओं के सभी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखें और उन्हें अदालत के समक्ष पेश करें।
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बिना शर्त माफी पर टिप्पणी: 10 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के दौरान लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और DMRC ने जवाब दाखिल किए। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सरकार की ओर से बिना शर्त माफी मांगी गई है। इस पर जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अदालत इस बिना शर्त माफी पर ध्यान नहीं दे रही है, क्योंकि यह सशर्त माफी जैसी प्रतीत होती है।
🗳️ मतदाता सूची और विरोध प्रदर्शन के दौरान पाबंदियों का मुद्दा
अवमानना याचिकाओं में बड़े पैमाने पर लोगों को हिरासत में लेने, पुलिस बर्बरता, मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और इंटरनेट सेवाएं बाधित करने जैसे गंभीर मुद्दे उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि इन कदमों से नागरिकों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार पर असर पड़ा। दूसरी ओर, केंद्र और दिल्ली पुलिस ने कहा कि ये कदम संभावित कानून-व्यवस्था की समस्या को रोकने और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए उठाए गए थे।
इसी सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक के अन्य नेताओं की उस याचिका पर भी नोटिस जारी किया, जिसमें चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े फैसलों को चुनौती दी गई है। याचिका में मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सभी पक्षों से जवाब तलब किया है।