AI and Future of Work: अंतर-संसदीय संघ के 153वें सत्र में बोलीं सांसद लता वानखेड़े, ‘एआई के उपयोग में सकारात्मकता जरूरी’
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तेज रफ्तार दुनिया में इसके प्रभाव, बदलाव और चिंताओं को लेकर वैश्विक स्तर पर मंथन जारी है। इसी सिलसिले में तंजानिया के अरूशा में 153वीं अंतर-संसदीय संघ (IPU) असेंबली का आयोजन किया गया, जिसमें दुनिया भर के जनप्रतिनिधि और विशेषज्ञ जुटे। इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की ओर से सागर की सांसद लता वानखेड़े ने हिस्सा लिया और देश का पक्ष मजबूती से रखते हुए कहा कि एआई केवल तकनीकी प्रगति तक सीमित न रहकर रोजगार के नए अवसर पैदा करने और मानव गरिमा की रक्षा करने वाला सशक्त साधन बनना चाहिए।
🤖 “एआई का मूल ध्येय मानव कल्याण होना चाहिए”: सांसद लता वानखेड़े ने साझा किया भारत का मॉडल
असेंबली के मुख्य सत्र ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और कार्य का भविष्य’ (AI and the Future of Work) विषय पर बोलते हुए सांसद लता वानखेड़े ने भारत सरकार की ‘AI for All’ नीति, जिम्मेदार नवाचार और तकनीक की समान पहुंच के मॉडल को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने रखा। उन्होंने जोर देकर कहा कि एआई का मूल उद्देश्य मानव कल्याण होना चाहिए ताकि समाज का हर वर्ग सशक्त हो सके और विकास की इस दौड़ में कोई पीछे न छूटे। उन्होंने यह भी कहा कि एआई का उपयोग सकारात्मक दृष्टिकोण और इसके संभावित नकारात्मक प्रभावों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।
🌾 आतंकवाद विरोध और खाद्य सुरक्षा जैसे गंभीर वैश्विक मुद्दों पर भी हुई चर्चा
तंजानिया यात्रा के अपने अनुभव साझा करते हुए सांसद लता वानखेड़े ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के दूरदर्शी विचारों को रखना उनके लिए बेहद गौरव का विषय रहा। इस वैश्विक सम्मेलन के दौरान एआई के अलावा कृषि अपशिष्ट के प्रबंधन और खाद्य सुरक्षा जैसे विषयों पर भी गहन चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त, आतंकवाद-रोधी समिति के सदस्य के रूप में भी उन्होंने वैश्विक सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी।