Wild Elephants Terror Gumla: पालकोट के जंगलों में डेरा डाले हैं छोटे बच्चों समेत 17 हाथी, वन विभाग की टीम रख रही कड़ी नजर
झारखंड के सिमडेगा जिले में लंबे समय तक भारी उत्पात मचाने के बाद अब 17 जंगली हाथियों का एक बड़ा झुंड सोमवार को गुमला जिले के पालकोट प्रखंड में प्रवेश कर चुका है, जिसके बाद से आसपास के ग्रामीण इलाकों में भारी दहशत का माहौल बना हुआ है। हाथियों के इस झुंड के कारण स्थानीय किसानों की धान, मक्का, बादाम, उड़द और केले की लहलहाती फसलों के साथ-साथ रिहायशी मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचने की प्रबल आशंका जताई जा रही है। फिलहाल खेतों में लहलहाती धान की फसलों को बुरी तरह रौंदते हुए हाथियों का यह पूरा झुंड इलाके में लगातार विचरण कर रहा है। इस दल में एक वयस्क मादा हाथी के अलावा करीब आधे दर्जन से अधिक छोटे-छोटे शावक (बच्चे) भी शामिल हैं।
🌲 वन विभाग की टीम ने संभाला मोर्चा: सनईडीह के जंगलों में डेरा, हाथियों को छत्तीसगढ़ भेजने की बन रही योजना
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम पूरी तरह सक्रिय हो गई है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाथियों का यह झुंड इस समय पालकोट प्रखंड की बिलिंगबीरा पंचायत के अंतर्गत आने वाले सनईडीह गांव के घने जंगलों में मौजूद है। क्षेत्र के वनपाल कृष्णा महतो ने आसपास के सभी ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगली हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ करने की कोशिश बिल्कुल न करें। जानकारी के अनुसार, हाथियों का यह झुंड सिमडेगा जिले के बीरू और जापकाकोना क्षेत्र के रास्ते होते हुए पालकोट पहुंचा है। विभाग की आगे की मुख्य योजना इन हाथियों को पूरी सुरक्षा के साथ रायडीह प्रखंड की ओर सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाकर छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा में भेजने की है।
🔦 फसलों और घरों की सुरक्षा के लिए रातजगा करने को विवश ग्रामीण, विभाग ने बांटे पटाखे और मशाल टॉर्च
स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि कुछ दिन पहले ही दो-तीन जंगली हाथियों ने इस क्षेत्र में कई कच्चे घरों और फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया था, जिसके बाद से ग्रामीण अपनी जान-माल की रक्षा के लिए रातभर जागकर पहरा देने (रातजगा करने) को विवश हैं। ग्रामीणों की मदद के लिए वन विभाग द्वारा कुछ चुनिंदा जगहों पर पटाखे और विशेष मसाला टॉर्च (मशाल टॉर्च) भी उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि यदि हाथी गांवों की तरफ रुख करें तो उन्हें आसानी से सुरक्षित तरीके से भगाया जा सके। लेकिन अब अचानक 17 जंगली हाथियों के इस विशाल झुंड के क्षेत्र में आ धमकने से लोगों की घबराहट और अधिक बढ़ गई है।
📢 डीएफओ बेलाल अहमद बोले- हाथियों के मूवमेंट पर रखी जा रही है पैनी नजर, मुआवजा प्रक्रिया जारी
गुमला के डीएफओ (DFO) बेलाल अहमद ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वन विभाग की विशेष टीमों द्वारा जंगली हाथियों के इस झुंड की हर गतिविधि पर लगातार पैनी नजर रखी जा रही है, ताकि उन्हें सुरक्षित और सुनसान इलाकों की तरफ खदेड़ा जा सके। क्षेत्र के सभी ग्रामीणों को पूरी तरह से अलर्ट कर दिया गया है और उनसे बार-बार यह अपील की जा रही है कि वे हाथियों के करीब बिल्कुल न जाएं और उनसे सुरक्षित दूरी बनाकर रखें। डीएफओ ने यह भी भरोसा दिलाया कि जंगली हाथियों द्वारा पहले की गई तोड़फोड़ और फसल नुकसान के एवज में मुआवजा देने की प्रशासनिक प्रक्रिया तेजी से चल रही है, और आगे भी नियमों के तहत पीड़ितों को उचित मुआवजा दिया जाता रहेगा।