Bengal Politics: ‘अल्लाह टिकट बुक करे’, हुमायूं कबीर के विवादित बयान पर गरमाई बंगाल की सियासत; BJP का पलटवार
कोलकाता/मुर्शिदाबाद: आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के संस्थापक और विधायक हुमायूं कबीर के एक विवादित बयान से पश्चिम बंगाल का सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। मुर्शिदाबाद में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के “जल्दी जाने” के लिए दुआ करेंगे और अल्लाह से कहेंगे कि “उनका टिकट बुक” कर दे।
हुमायूं कबीर ने कहा कि वह चाहते हैं कि शुभेंदु अधिकारी जल्द से जल्द मुख्यमंत्री पद से हटकर पूर्व मुख्यमंत्री बन जाएं। रेजिनगर विधानसभा उपचुनाव के ठीक पहले आए इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए उन प्रमुख राजनेताओं का भी उल्लेख किया जिनकी अतीत में हत्या या दुर्घटना में असामयिक मृत्यु हो गई थी। कबीर ने कहा कि इस तरह से उनका घमंड समाप्त हो जाएगा।
⚡ ‘सत्ता में आने के बाद आ गया घमंड’: हुमायूं कबीर ने गिनाए कई नेताओं के नाम
विवादित बयान और लगाए गए आरोप:
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ऐतिहासिक घटनाओं का हवाला: हुमायूं कबीर ने अपनी टिप्पणी के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के साथ-साथ महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और कांग्रेस नेता माधवराव सिंधिया का नाम लिया।
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अल्पसंख्यकों की उपेक्षा का आरोप: उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता संभालने के बाद सरकार में अहंकार आ गया है और राज्य में अल्पसंख्यकों को लगातार परेशान किया जा रहा है।
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पुरानी सियासी अदावत: कबीर और शुभेंदु अधिकारी के बीच पहले से ही राजनीतिक मतभेद रहे हैं। इससे पूर्व भी मुर्शिदाबाद और रेजिनगर क्षेत्र की सियासी गतिविधियों को लेकर दोनों नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी हो चुकी है।
🛡️ भाजपा का तीखा पलटवार: ‘कसाई के श्राप से गाय नहीं मरती’
भाजपा की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया:
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राजनीतिक मर्यादा पर सवाल: हुमायूं कबीर की टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी ने बेहद तीखा विरोध दर्ज कराया है। भाजपा नेताओं ने कहा कि वैचारिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी राजनीतिक विरोधी की मौत की कामना करना राजनीति के सबसे निचले स्तर को दर्शाता है।
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स्वास्थ्य मंत्री का बयान: पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री शरदवत मुखोपाध्याय ने बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि नीतियों से असहमति होना स्वाभाविक है, लेकिन इतनी बेशर्मी से किसी के जीवन को लेकर ऐसी टिप्पणी करना अस्वीकार्य है।
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जनता का जनादेश: मुखोपाध्याय ने कहा कि शुभेंदु अधिकारी किसी की कृपा से नहीं, बल्कि जनता के वोटों से चुनकर मुख्यमंत्री बने हैं। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि हुमायूं कबीर को यह समझ लेना चाहिए कि कसाई के श्राप से गाय नहीं मरती।
🗳️ 6 अक्टूबर को रेजिनगर में मतदान: 6 प्रमुख प्रत्याशियों के बीच दिलचस्प मुकाबला
उपचुनाव का चुनावी समीकरण और पृष्ठभूमि:
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सीट खाली होने का कारण: रेजिनगर विधानसभा सीट इसलिए खाली हुई क्योंकि हुमायूं कबीर ने 2026 के विधानसभा चुनाव में रेजिनगर और नवदा दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी, जिसके बाद उन्होंने नवदा सीट अपने पास रखी और रेजिनगर से इस्तीफा दे दिया।
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मतदान व मतगणना की तारीख: इस सीट पर 6 अक्टूबर को मतदान संपन्न होगा, जबकि मतों की गिनती 9 अक्टूबर को की जाएगी।
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मैदान में प्रमुख उम्मीदवार:
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BJP: सखाराव सरकार (मुर्शिदाबाद के पूर्व जिला अध्यक्ष)
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TMC: रबीउल आलम चौधरी
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बागी TMC गुट: शेख सफीउज्जमां (ऋतब्रत बनर्जी गुट)
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Congress: अब्दुल्लाहिल काफी
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CPIM (लेफ्ट): सैयद असद अली
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AJUP: गुलाम नबी आजाद (हुमायूं कबीर के पुत्र)
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रणनीतिक महत्व: मुस्लिम मतदाताओं की उल्लेखनीय आबादी के कारण रेजिनगर सीट सभी राजनीतिक दलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण बन चुकी है और मुकाबला बहुकोणीय हो गया है।